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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में एसपी ट्रैफिक ने कहा- कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं

Thu, 28 Nov 2019 03:38 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 28 Nov 2019 03:38 PM IST
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SP Traffic said at Aparajita 100 Million Smiles Program - no alternative to hard work
पुलिस की पाठशाला - फोटो : a

स्कूल भी था, स्टूडेंट्स भी, जिज्ञासाएं भी थीं और सवालों के जवाब भी, पर कुछ बदली हुई सी थी ये क्लास। कोई कॉपी-किताब नहीं, बस सुनना और सुनाना। एक तरफ छात्र-छात्राएं जमा थे, तो टीचर की भूमिका में थे, पुलिस अधीक्षक यातायात श्रवण कुमार सिंह। न मैथ के सवाल ने साइंस के ये कक्षा थी अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत बृहस्पतिवार को पुलिस की पाठशाला की। 

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चितईपुर स्थित ज्ञानदीप इंग्लिश स्कूल में एसपी ट्रैफिक ने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और शोषण के प्रति आवाज उइाने की सीख दी। उन्होंने कहा कि बगैर मेहनत कुछ नहीं मिलता, अपनी रूचि के मुताबिक पढ़ाई करें आप उसमें जरूर सफल होंगे।
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लक्ष्य बड़ा निर्धारित करिए और उसको पाने का प्रयास करिए, क्योंकि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। संचालन प्रधानाचार्य शैल तिवारी का रहा। कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक त्रिभुवन सिंह, एडमिन डायरेक्टर आकांक्षा सिंह, आशुतोष सिंह, अरविंद सिंह, पीसी पटेल, आशीष खन्ना, पंकज कुमार तिवारी, गुडिया, गरिमा का विशेष सहयोग रहा। 

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डर के बजाय करें सहयोग

जिस तरह हमें सांस लेने के लिए आक्सीजन की जरूरत होती है, ठीक वैसे ही समाज की सुरक्षा के लिए पुलिस की जरूरत होती है। इसलिए पुलिस से डरने के बजाय आप उसका सहयोग करें। पुलिस का सहयोग आप स्वयं नियम व कानून का पालन कर और दूसरों को इसके लिए प्रेरित कर सकते हैं।

निभाएं पुलिस की जिम्मेदारी

पुलिस की पाठशाला के दौरान पुलिस अधीक्षक श्रवण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया कि वे पुलिस की जिम्मेदारी उठाएं। कहीं कोई दुर्घटना हो गई हो तो आप 112 नंबर पर कॉल कर उसकी जानकारी दे सकते हैं। कहीं कोई महिला घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हो तो 181 पर फोन कर सकते हैं। स्कूल-कालेज आते जाते वक्त किसी लड़की को कोई परेशान करता हो तो वुमेन पावरलाइन 1090 पर शिकायत की जा सकती है। हंक ड्राइविंग न करने, हेलमेट, सीट बेल्ट बांधकर ड्राइविंग करने की सलाह दी। 

गलत के खिलाफ उठाए आवाज

एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह ने छात्राओं को हर गलत बात का छात्राओं में विरोध करने का साहस जगाया। उन्होंने कहा कि अगर आपके साथ या आपके आसपास कुछ भी गलत हो तो आवाज जरूर उठाएं। घर के अंदर भी और बाहर भी संवेदनशील जरूर रहें। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वो पावर एंजिल बनकर दूसरों की मदद करें, उनकी आवाज बनिए। 

ट्रैफिक नियमों के प्रति किया जागरूक

बृहस्पतिवार को चितईपुर स्थित ज्ञानदीप स्कूल में एसपी ट्रैफिक ने जहां बच्चों की क्लास ली तो वहीं स्कूल की शिक्षिका रंजना और रितिका के निर्देशन में कक्षा के बच्चों ने स्किट के माध्यम से वहां मौजूद लोगों को ट्रैफिक के नियमों का पालन के प्रति जागरूक किया। 

 बच्चों की जिज्ञासा हुई पूरी

 अब तक में यही सोचता था कि पुलिस हमारे लिए नियम बनाती है, लेकिन खुद नियम का पालन नहीं करती। पुलिस की पाठशाला में पता चला कि पुलिस के खिलाफ भी एक्शन होते हैं।
शुभम सिंह

पुलिस के प्रति हमारी जो नकारात्मक भावना थी वो कम हो गई हैं। हमें पुलिस से डरने को नहीं बल्कि उनका सहयोग करने की जरूरत हैं। इसमें कई नई जानकारियां मिलीं। अर्पिता 

 हेलमेट न लगाने पर पुलिस केवल हमसे ही नहीं पुलिसकर्मियों से भी जुर्माना लेती है। सभी के लिए नियम कानून एक है। पुलिस की ओर से ये एक सकारात्मक पहल है।
अतुल कुशवाह

पुलिस की पाठशाला में हमें कई नए हेल्पलाइन नंबर के बारे में पता चला। हम खुद भी पुलिस का काम कर सकते हैं और समाज को एक बेहतर भविष्य दे सकते हैं।


प्रियांशी भारद्वाज

ट्रैफ्रिक नियमों का पालन करना चाहिए, ये सभी को पता है, फिर भी हम इसे नजरअंदाज करते है। पुलिस की पाठशाला इस मामले में काफी मददगार साबित हुई। माही सिंह

पुलिस के नाम से ही लोग डरते हैं। हमारे साथ भी ऐसा था लेकिन पुलिस की पाठशाला ने आज यह डर खत्म कर दिया। पुलिस हमारे सहयोग और मदद के हमेशा तत्पर है। रौनक सिंह

अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला, पुलिस और छात्रों के बीच मैत्री संबंध स्थापित करने का बेहतरीन प्रयास है। छात्रों को पुलिसिया ढांचे के साथ पुलिस के क्षेत्र में कॅरियर कैसे बनाएं इसकी भी जानकारी मिली।
त्रिभुवन सिंह, निदेशक 

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