{"_id":"5ed409438ebc3e90aa5f7cb9","slug":"anushka-case-varanasi-news-vns527702548","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुष्का न जाती तो देश उस पर नाज करता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुष्का न जाती तो देश उस पर नाज करता
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वाराणसी। अनुष्का अनुशासित थी। बेहद मेहनती थी। प्वाइंट गार्ड पर खेलने वाली अनुष्का के सभी कायल थे। वह ऐसा बनना चाहती थी कि देश उस पर नाज करे। रविवार को यह कहते-कहते आंधी के दौरान पेड़ की डाल गिरने से जान गंवाने वाली बास्केटबॉल खिलाड़ी अनुष्का सिंह की सीनियर शिवांगी गुप्ता और श्रुति की आंखें डबडबा आईं और उनका गला रुंध गया।
शिवांगी ने कहा कि हम सभी एक साथ अभ्यास करते थे। वह मैदान पर बहुत मेहनत करती थी। उसकी मेहनत और अनुशासन दूसरों के लिए प्रेरणा थी। श्रुति ने कहा कि अनुष्का मैदान पर हर किसी का सहयोग करती थी। वह अक्सर कहती थी कि वह नेशनल लेवल पर नाम कमाना चाहती है। वह रोजाना शाम तीन बजे तक यूपी कॉलेज ग्राउंड पर पहुंच जाती थी।
यूपी कालेज बास्केटबॉल ग्राउंड में साई के कोच सुरेंद्र कुमार प्रकाश, कार्तिक राम और विभोर भृगुवंशी की देखरेख में ट्रेनिंग ले रही थी। विभोर ने बताया कि अनुष्का प्वॉइंट गार्ड की पोजिशन पर खेलती थी। उसके उम्दा खेल की बदौलत काशी विद्यापीठ की टीम ने पहली बार उड़ीसा में ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल का गोल्ड मेडल जीता। 2017-18 के बीच स्कूल नेशनल, जूनियर स्टेट प्रतियोगिताएं भी खेलीं थीं। यह खेल जगत का नुकसान है। इतनी कम उम्र में अच्छा खेलने वाले खिलाड़ी कम ही होते हैं।
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पिता के नहीं थम रहे आंसू
चुप्पेपुर निवासी अधिवक्ता अजीत सिंह की पांच बेटियों में अनुष्का चौथे नंबर की थी। प्रियंका, प्रिया, अनामिका और अनुष्का के बाद पांचवीं बेटी अनीषा राज्यस्तरीय धावक है। एक बेटा है जो नौवीं कक्षा में है। होनहार बेटी को गंवाने से पिता अजीत के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अनुष्का का अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर किया गया।
विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में शोक
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की बॉस्केटबाल टीम की खिलाड़ी अनुष्का का जाना हर किसी को खल गया। कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि यह खेल और विश्वविद्यालय दोनों की अपूरणीय क्षति है। अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज के प्रबंधक अनिल कुमार जैन ने कहा कि अनुष्का कॉलेज के परमानंदपुर परिसर की होनहार छात्रा थी। उसके जाने से पूरा महाविद्यालय मर्माहत है। शारीरिक शिक्षा विभाग की अध्यक्ष डॉ. मृदुला व्यास ने बताया कि अनुष्का बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। अनुष्का की बड़ी बहन एथलीट प्रियंका भोपाल में है और प्रिया 400 मीटर दौड़ की कई प्रतियोगिताएं जीत चुकी है। प्राचार्या डॉ. कुमकुम मालवीय, डॉ. आकाश, डॉ. परितोष भट्टाचार्य, डॉ. सुनील मिश्र ने भी शोक जताया। उत्तर प्रदेश बास्केटबॉल संघ के महासचिव भूपेंद्र शाही ने भी अनुष्का की मौत पर दुख जताया।
अनुष्का के घर पहुंचे एसडीएम सदर, मदद का दिया भरोसा
अनुष्का की मौत की सूचना पाकर रविवार को एसडीएम सदर उसके घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि यदि शव का पोस्टमार्टम हुआ होता तो सरकार की ओर से चार लाख रुपये की आर्थिक मदद मिल जाती। उन्होेंने कहा कि वह पूरा प्रयास करेंगे कि पीड़ित परिवार को सरकार से हरसंभव सहायता मिले।
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शिवांगी ने कहा कि हम सभी एक साथ अभ्यास करते थे। वह मैदान पर बहुत मेहनत करती थी। उसकी मेहनत और अनुशासन दूसरों के लिए प्रेरणा थी। श्रुति ने कहा कि अनुष्का मैदान पर हर किसी का सहयोग करती थी। वह अक्सर कहती थी कि वह नेशनल लेवल पर नाम कमाना चाहती है। वह रोजाना शाम तीन बजे तक यूपी कॉलेज ग्राउंड पर पहुंच जाती थी।
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यूपी कालेज बास्केटबॉल ग्राउंड में साई के कोच सुरेंद्र कुमार प्रकाश, कार्तिक राम और विभोर भृगुवंशी की देखरेख में ट्रेनिंग ले रही थी। विभोर ने बताया कि अनुष्का प्वॉइंट गार्ड की पोजिशन पर खेलती थी। उसके उम्दा खेल की बदौलत काशी विद्यापीठ की टीम ने पहली बार उड़ीसा में ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल का गोल्ड मेडल जीता। 2017-18 के बीच स्कूल नेशनल, जूनियर स्टेट प्रतियोगिताएं भी खेलीं थीं। यह खेल जगत का नुकसान है। इतनी कम उम्र में अच्छा खेलने वाले खिलाड़ी कम ही होते हैं।
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पिता के नहीं थम रहे आंसू
चुप्पेपुर निवासी अधिवक्ता अजीत सिंह की पांच बेटियों में अनुष्का चौथे नंबर की थी। प्रियंका, प्रिया, अनामिका और अनुष्का के बाद पांचवीं बेटी अनीषा राज्यस्तरीय धावक है। एक बेटा है जो नौवीं कक्षा में है। होनहार बेटी को गंवाने से पिता अजीत के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अनुष्का का अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर किया गया।
विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में शोक
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की बॉस्केटबाल टीम की खिलाड़ी अनुष्का का जाना हर किसी को खल गया। कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि यह खेल और विश्वविद्यालय दोनों की अपूरणीय क्षति है। अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज के प्रबंधक अनिल कुमार जैन ने कहा कि अनुष्का कॉलेज के परमानंदपुर परिसर की होनहार छात्रा थी। उसके जाने से पूरा महाविद्यालय मर्माहत है। शारीरिक शिक्षा विभाग की अध्यक्ष डॉ. मृदुला व्यास ने बताया कि अनुष्का बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। अनुष्का की बड़ी बहन एथलीट प्रियंका भोपाल में है और प्रिया 400 मीटर दौड़ की कई प्रतियोगिताएं जीत चुकी है। प्राचार्या डॉ. कुमकुम मालवीय, डॉ. आकाश, डॉ. परितोष भट्टाचार्य, डॉ. सुनील मिश्र ने भी शोक जताया। उत्तर प्रदेश बास्केटबॉल संघ के महासचिव भूपेंद्र शाही ने भी अनुष्का की मौत पर दुख जताया।
अनुष्का के घर पहुंचे एसडीएम सदर, मदद का दिया भरोसा
अनुष्का की मौत की सूचना पाकर रविवार को एसडीएम सदर उसके घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि यदि शव का पोस्टमार्टम हुआ होता तो सरकार की ओर से चार लाख रुपये की आर्थिक मदद मिल जाती। उन्होेंने कहा कि वह पूरा प्रयास करेंगे कि पीड़ित परिवार को सरकार से हरसंभव सहायता मिले।