अनुप्रिया पटेल का मिशन 2022 के लिए कार्यकर्ताओं को संदेश, विधानसभा का सेमीफाइनल है पंचायत चुनाव
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वाराणसी के बच्छांव में अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आगामी चुनाव को देखते हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव को देखते हुए आपसी मतभेद भुलाकर सभी कार्यकर्ता एकजुट हो जाएं। संगठन को मजबूत करने और बूथों को मजबूत करने की दिशा में काम करें। जो कमियां हैं उन्हें दूर कराई जाएंगी।
वाराणसी में जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में के पूर्व मीडिया से हुई बातचीत में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि पंचायत चुनाव, विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल है। संगठन की जो कमियां है उसे दूर करने में लगी हैं। ओवैसी और केजरीवाल के यूपी में आने के सवाल पर कहा कि सभी पार्टियों आती है। लेकिन कौन पार्टी 5 साल तक जनता का ख्याल करें, इसे जनता बखूबी जानती है।
अखिलेश और प्रियंका के काशी दौरे पर उन्होंने कहा कि मंदिर में कोई भी जा सकता है। इसमें कौन सी नई बात है। उन्होंने कहा कि जिला कार्यकर्ता सम्मेलन के सियासी मायने कई है। अपना दल में कृष्णा पटेल व अनुप्रिया पटेल में पहले से ही घमासान मचा हुआ है। कृष्णा पटेल ने पहले संकेत दिये थे विपक्षी पार्टियों के साथ है। जबकि अनुप्रिया पटेल ने सत्ता पक्ष बीजेपी से गठबंधन किया है। और वह यूपी चुनाव भी बीजेपी के साथ लडऩे को तैयार है।
अपना दल को लेकर पटेल समाज भी परेशान है कि वह किस तरफ जाये। एक तरफ अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल की पत्नी है तो दूसरी तरफ उनकी बेटी है। बीजेपी पहले पटेल समाज को अपना परम्परागत वोट बैंक मानती थी, लेकिन अपना दल के अस्तित्व में आने के बाद से यह वोट बैंक बीजेपी से दूर होता गया।
बीजेपी ने इस बात को समझा ओर अपना दल के साथ गठबंधन किया। इसका लाभ भी बीजेपी को मिला है। यूपी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी को पिछड़ा वर्ग का सहयोग चाहिए। कार्यकर्ताओं ने चांदी का मुकुट और तलवार देकर अनुप्रिया पटेल का स्वागत किया।