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लश्करपुर में डायरिया से एक और मासूम ने दम तोड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 31 Jul 2016 01:45 AM IST
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चोलापुर क्षेत्र के लश्करपुर गांव की मुसहर बस्ती में डायरिया के प्रकोप से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार को भोर में एक और मासूम की जान चली गई जबकि कई गंभीर रूप से बीमार हैं। इसी के साथ यहां संक्रमण से मरने वालों की संख्या आधा दर्जन पहुंच गई है। इससे पूरी बस्ती में सियापा छाया हुआ है। चोलापुर ब्लॉक प्रमुख और एडिशनल सीएमओ ने पहुंचकर बस्ती का जायजा लिया। चिकित्सकों ने क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस बांटने के साथ ही बस्ती के लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए संकलित किए।
मुसहर बस्ती में चारों तरफ बजबजाते कीचड़ और दूषित खानपान के चलते करीब एक महीने से डायरिया फैला हुआ है। इस दिशा में ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य विभाग ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि डायरिया के प्रकोप से पिछले 20 दिनों में पूर्व ग्राम प्रधान मिठाई लाल के परिवार के चार बच्चों और एक महिला समेत पांच लोगों की जान चली गई। शनिवार को भोर में राजेश उर्फ हलचल वनवासी की तीन साल की बेटी आरती ने भी दम तोड़ दिया। मजदूरी कर परिवार पालने वाले राजेश ने बताया कि आरती कई दिनों से उल्टी-दस्त से परेशान थी। वहीं, बबलू के बेटे दिलीप और कैलाश के बेटे चिंटू एवं पिंटू की हालत गंभीर बनी हुई है।
वहीं, जानलेवा हुए डायरिया की खबर पाकर दोपहर में चोलापुर ब्लॉक प्रमुख सुभाष यादव, एडिशनल सीएमओ डॉ. पीपी गुप्ता और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी यादव अपनी टीम के साथ बस्ती में पहुंचे। बस्ती में टीम ने ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया और ग्रामीणों ने ओआरएस पाउडर, क्लोरीन की गोलियां और साबुन का वितरण किया। इसके अलावा जांच के लिए 30 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। इस मौके पर एडिशनल सीएमओ ने आशा प्रमिला को इस मामले में लापरवाही बरतने आैर समय पर स्वास्थ्य केंद्र अधिकारियों को बीमारी फैलने की सूचना न देने पर फटकार लगाई।
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मुसहर बस्ती में चारों तरफ बजबजाते कीचड़ और दूषित खानपान के चलते करीब एक महीने से डायरिया फैला हुआ है। इस दिशा में ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य विभाग ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि डायरिया के प्रकोप से पिछले 20 दिनों में पूर्व ग्राम प्रधान मिठाई लाल के परिवार के चार बच्चों और एक महिला समेत पांच लोगों की जान चली गई। शनिवार को भोर में राजेश उर्फ हलचल वनवासी की तीन साल की बेटी आरती ने भी दम तोड़ दिया। मजदूरी कर परिवार पालने वाले राजेश ने बताया कि आरती कई दिनों से उल्टी-दस्त से परेशान थी। वहीं, बबलू के बेटे दिलीप और कैलाश के बेटे चिंटू एवं पिंटू की हालत गंभीर बनी हुई है।
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वहीं, जानलेवा हुए डायरिया की खबर पाकर दोपहर में चोलापुर ब्लॉक प्रमुख सुभाष यादव, एडिशनल सीएमओ डॉ. पीपी गुप्ता और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी यादव अपनी टीम के साथ बस्ती में पहुंचे। बस्ती में टीम ने ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया और ग्रामीणों ने ओआरएस पाउडर, क्लोरीन की गोलियां और साबुन का वितरण किया। इसके अलावा जांच के लिए 30 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। इस मौके पर एडिशनल सीएमओ ने आशा प्रमिला को इस मामले में लापरवाही बरतने आैर समय पर स्वास्थ्य केंद्र अधिकारियों को बीमारी फैलने की सूचना न देने पर फटकार लगाई।
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