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डिप्टी सीएम मौर्य के संकेत देने के बाद जौनपुर से एक और जिला बनने की जगी आस
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
Updated Sun, 18 Nov 2018 10:29 AM IST
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
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वाराणसी में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जौनपुर से एक और जिला बनाने का संकेत देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। सपा ने इसे लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लोगों को बहकाने वाला बयान बताया है। वहीं शाहगंज के लोगों को जिला बनने की आस जगी है। शाहगंज को जिला बनाने की मांग 25 साल से की जा रही है।
शाहगंज तहसील क्षेत्र की आबादी 15 लाख से अधिक है। ऐसे में आजमगढ़, अंबेडकर नगर और सुल्तानपुर के कुछ हिस्सों को लेकर जिला बनाने की संभावना जताई जाती रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछले दिनों वाराणसी में संकेत दिया था कि जौनपुर में एक और जिला बनाया जा सकता है। इसके बाद शाहगंज को जिला बनाने को लेकर चर्चा होने लगी।
शाहगंज का पश्चिमी हिस्सा सुईथाकलां ब्लाक जिला मुख्यालय से 68 किलोमीटर दूर है। यहां के लोगों का कहना है कि शाहगंज जिला बनने के लिए उपयुक्त है। मायावती के शासन में जब चित्रकूट व महोबा को जिला बनाया गया तो वहां की जनसंख्या महज आठ लाख थी।
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उस दौरान संजय विचार मंच के नेता डा. गयासुद्दीन हाशमी ने शाहगंज को जिला बनाने की मुहिम छेड़ी तो कांग्रेस नेता इंद्रमणि दुबे ने उनके समर्थन में आवाज उठाई थी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शाहगंज को जिला बनाने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद तत्कालीन सचिव राजस्व परिषद आनंद प्रकाश उपाध्याय ने 2008 में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी।
तत्कालीन एसडीएम बाल मयंक मिश्र ने खुटहन रोड स्थित कटिया के समीप तहसील मुख्यालय व चीनी मिल परिसर की भूमि को चिह्नित करते हुए रिपोर्ट में भौगोलिक स्थिति का ब्योरा भेजा था। तत्कालीन एसडीएम ने राजकीय पुरुष अस्पताल, महिला अस्पताल, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, डाकघर के अलावा गल्ला मंडी और बाजार का हवाला देते हुए इस पर मुहर लगाई थी।
एसडीएम ने शाहगंज को जिला बनाकर सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर, आजमगढ़ के फूलपुर व घनश्यामपुर को मिलाने और खुटहन को तहसील मुख्यालय बनाने की रिपोर्ट दी थी। तत्कालीन एडीएम राजस्व देवेंद्र पांडेय, तत्कालीन डीएम अनुराग यादव ने इसकी संस्तुति देकर शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इसी दौरान चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने पर लोगों के सपने टूट गए थे।
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शाहगंज तहसील क्षेत्र की आबादी 15 लाख से अधिक है। ऐसे में आजमगढ़, अंबेडकर नगर और सुल्तानपुर के कुछ हिस्सों को लेकर जिला बनाने की संभावना जताई जाती रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछले दिनों वाराणसी में संकेत दिया था कि जौनपुर में एक और जिला बनाया जा सकता है। इसके बाद शाहगंज को जिला बनाने को लेकर चर्चा होने लगी।
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शाहगंज का पश्चिमी हिस्सा सुईथाकलां ब्लाक जिला मुख्यालय से 68 किलोमीटर दूर है। यहां के लोगों का कहना है कि शाहगंज जिला बनने के लिए उपयुक्त है। मायावती के शासन में जब चित्रकूट व महोबा को जिला बनाया गया तो वहां की जनसंख्या महज आठ लाख थी।
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उस दौरान संजय विचार मंच के नेता डा. गयासुद्दीन हाशमी ने शाहगंज को जिला बनाने की मुहिम छेड़ी तो कांग्रेस नेता इंद्रमणि दुबे ने उनके समर्थन में आवाज उठाई थी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शाहगंज को जिला बनाने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद तत्कालीन सचिव राजस्व परिषद आनंद प्रकाश उपाध्याय ने 2008 में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी।
तत्कालीन एसडीएम बाल मयंक मिश्र ने खुटहन रोड स्थित कटिया के समीप तहसील मुख्यालय व चीनी मिल परिसर की भूमि को चिह्नित करते हुए रिपोर्ट में भौगोलिक स्थिति का ब्योरा भेजा था। तत्कालीन एसडीएम ने राजकीय पुरुष अस्पताल, महिला अस्पताल, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, डाकघर के अलावा गल्ला मंडी और बाजार का हवाला देते हुए इस पर मुहर लगाई थी।
एसडीएम ने शाहगंज को जिला बनाकर सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर, आजमगढ़ के फूलपुर व घनश्यामपुर को मिलाने और खुटहन को तहसील मुख्यालय बनाने की रिपोर्ट दी थी। तत्कालीन एडीएम राजस्व देवेंद्र पांडेय, तत्कालीन डीएम अनुराग यादव ने इसकी संस्तुति देकर शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इसी दौरान चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने पर लोगों के सपने टूट गए थे।
अखिलेश यादव ने भी दिया था भरोसा
मुख्यमंत्री रहते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, शाहगंज विधायक एवं पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई के बेटे के बहूभोज में नवंबर 1016 में आए थे। उस दौरान पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा था कि दोबारा प्रदेश में सरकार बनने पर शाहगंज को जिले का दर्जा देंगे।
शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव ललई का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ऐसी घोषणाएं करने लगती है। 1991 से भाजपा राम मंदिर बनवा रही है। डिप्टी सीएम लोकसभा चुनाव को लेकर ऐसी घोषणा कर रहे हैं। वह जनता को बहकाने के लिए ऐसा कह रहे हैं। प्रदेश में सपा की सरकार बनने के 100 दिन के अंदर शाहगंज को जिला घोषित कर दिया जाएगा।
वहीं बदलापुर से भाजपा विधायक रमेशचंद्र मिश्र का कहना है कि जिले की सबसे बड़ी तहसील शाहगंज है। व्यापारिक दृष्टि से भी इसका महत्व है। तीन जिले की सीमाएं सटी हैं। शाहगंज को जिला बनाया जाना चाहिए। इसमें बदलापुर तहसील भी शामिल हो, ऐसा प्रयास किया जाएगा। बदलापुर महोत्सव में आए उप मुख्यमंत्री से भी लोगों ने मांग की थी।
शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव ललई का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ऐसी घोषणाएं करने लगती है। 1991 से भाजपा राम मंदिर बनवा रही है। डिप्टी सीएम लोकसभा चुनाव को लेकर ऐसी घोषणा कर रहे हैं। वह जनता को बहकाने के लिए ऐसा कह रहे हैं। प्रदेश में सपा की सरकार बनने के 100 दिन के अंदर शाहगंज को जिला घोषित कर दिया जाएगा।
वहीं बदलापुर से भाजपा विधायक रमेशचंद्र मिश्र का कहना है कि जिले की सबसे बड़ी तहसील शाहगंज है। व्यापारिक दृष्टि से भी इसका महत्व है। तीन जिले की सीमाएं सटी हैं। शाहगंज को जिला बनाया जाना चाहिए। इसमें बदलापुर तहसील भी शामिल हो, ऐसा प्रयास किया जाएगा। बदलापुर महोत्सव में आए उप मुख्यमंत्री से भी लोगों ने मांग की थी।