वार्षिक दर्शन: बाहर से कुछ नहीं ले जा सकेंगे, प्रशासन देगा पूजन सामग्री; शृंगार गौरी के विग्रह की पूजा होगी
Varanasi News: मंदिर प्रशासन की बैठक के बाद ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप और अन्य अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने माता श्रृंगार गौरी के वार्षिक दर्शन पूजन के लिए रुपरेखा बनाई।
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दर्शनार्थियों को मंदिर प्रशासन की ओर से पूजा सामग्री, डमरू, घंटी, शंख, नारियल और चुनरी दी जाएगी। मोबाइल फोन और कैमरे के साथ प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह निर्णय शनिवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, स्थानीय पुलिस प्रशासन और दर्शनार्थियों के प्रतिनिधियों के बीच एक समन्वय बैठक में लिया गया।
इसमें मार्ग, श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या और उनकी समुचित व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। बाबरी विध्वंस के बाद साल में एक ही दिन यहां पर दर्शन-पूजन होता है। मंदिर परिसर में मंदिर न्यास की ओर से सुंदरकांड का पाठ कराया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए फलाहार और प्रसाद की व्यवस्था मंदिर की ओर से जाएगी। गेट संख्या चार से दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
श्रृंगार गौरी के बाद व्यास स्थल का दर्शन: महापरिषद के अनुसार सुबह 8.30 बजे तक बांसफाटक स्थित सत्य नारायण मंदिर में भक्तों को पहुंचना अनिवार्य है। भक्त दर्शन परिक्रमा के लिए सुबह 9 बजे मंदिर में प्रवेश करेंगे। सुबह 9:30 बजे तक माता श्रृंगार गौरी का सामूहिक पूजन होगा। इसके बाद भक्त विश्वनाथ मंदिर के मूल स्थल व्यास जी के स्थान पर जाकर दर्शन करेंगे। ढूंढीराज गणेश, माता अन्नपूर्णा, दक्षिणामुखी हनुमान जी की पूजा के बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। फिर बांसफाटक पर प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
खुफिया एजेंसियां सक्रिय
पिछले वर्षों में पुलिस और ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के कार्यकर्ताओं में तीखी झड़पों के चलते इस बाद सुरक्षा के कई कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने समन्वय के लिए ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसमें बताया गया कि खुफिया एजेंसियों ने भी मंदिर के आसपास गतिविधियां बढ़ा दी है। ईद के चलते माहौल न बिगड़े, इसको भी तय किया गया है। आरएसएस के प्रदेश के धर्म जागरण प्रमुख अभय की निगरानी में तैयारियां चल रहीं हैं।