{"_id":"658e1c778f00c0bf850dae43","slug":"annapurna-s-kumkum-and-baba-s-bhasm-will-go-from-kashi-to-ayodhya-2023-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi : काशी से अयोध्या जाएगा अन्नपूर्णा का कुमकुम व बाबा की भस्म, प्राण प्रतिष्ठा के लिए मिला न्योता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi : काशी से अयोध्या जाएगा अन्नपूर्णा का कुमकुम व बाबा की भस्म, प्राण प्रतिष्ठा के लिए मिला न्योता
Fri, 29 Dec 2023 06:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 29 Dec 2023 06:41 AM IST
सार
प्राण प्रतिष्ठा के लिए बाबा और मां अन्नपूर्णा को भी न्योता मिला है। बाबा विश्वनाथ के प्रतीक रूप में बेलपत्र और भस्म के साथ मां अन्नपूर्णा के प्रतीक रूप में मां की चुनरी व कुमकुम को अयोध्या भेजा जाएगा।
विज्ञापन
मां अन्नपूर्णा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में काशीपुराधिपति और मां अन्नपूर्णा भी अयोध्या जाएंगी। प्राण प्रतिष्ठा के लिए बाबा और मां अन्नपूर्णा को भी न्योता मिला है। बाबा विश्वनाथ के प्रतीक रूप में बेलपत्र और भस्म के साथ मां अन्नपूर्णा के प्रतीक रूप में मां की चुनरी व कुमकुम को अयोध्या भेजा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी काशी विद्वत परिषद के अष्टमंडल को सौंपी गई है।
विज्ञापन
राममंदिर के भूमिपूजन के बाद प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी काशी विद्वत परिषद को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा को ले जाने का जिम्मा दिया गया है। इसके लिए काशी विद्वत परिषद के ज्योतिष, वेदांत और धर्मशास्त्र के विद्वानों का अष्टमंडल तैयार किया गया है। इसमें प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. रामचंद्र पांडेय, प्रो. विनय कुमार पांडेय, प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय, प्रो. रामनारायण द्विवेदी और प्रो. गोपबंधु मिश्र शामिल हैं।
विज्ञापन
यह अष्टमंडल 19 जनवरी को बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा की आज्ञा लेकर अयोध्या रवाना होगा। बाबा के प्रतीक स्वरूप में श्री काशी विश्वनाथ का बेलपत्र व भस्म और मां अन्नपूर्णा के प्रतीक स्वरूप अन्नपूर्णा मंदिर से मां की चुनरी व कुमकुम जाएगा।
विज्ञापन
प्राणप्रतिष्ठा के बाद नियमित होगा सुंदरकांड का पाठ
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद नियमित रूप से महर्षि वाल्मीकि कृत सुंदरकांड और गोस्वामी तुलसीकृत मानस के सुंदरकांड का पाठ राममंदिर में होगा। ये परामर्श काशी विद्वत परिषद ने श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दिया है। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद काशी की शास्त्रार्थ परंपरा के अनुसार अयोध्या में भी शास्त्रार्थ होगा।