फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Amriteshwar Mahadev is the first Shivling of the salvation journey of Kashi, the son of Muni had received the

Sawan Special: काशी की मोक्षप्रद यात्रा का प्रथम शिवलिंग है अमृतेश्वर महादेव, मुनि के पुत्र को मिला था जीवनदान

Fri, 14 Jul 2023 11:13 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Fri, 14 Jul 2023 11:13 AM IST
सार

काशीखंड के अनुसार अमृतेश्वर महादेव की उत्पत्ति की कथा शिव पुत्र स्कंद जी ने अगस्त्य ऋषि को सुनाई थी। काशी में सनारू नाम के एक गृहस्थ मुनि रहते थे। बिना शिवलिंग की पूजा के वे न भोजन करते और ना ही काशी तीर्थ में दान प्रतिग्रह लेते थे।

विज्ञापन
Amriteshwar Mahadev is the first Shivling of the salvation journey of Kashi, the son of Muni had received the
अमृतेश्वर महादेव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मंदिरों के शहर बनारस में हर शिवलिंग का अपना महात्मय है। काशी की मोक्षप्रद यात्रा के दौरान अमृतेश्वर महादेव का स्थान सर्वप्रथम आता है। काशीखंड के अनुसार काशी और संसार के 42 स्वयंभू महालिंगों की मोक्षप्रद यात्रा का प्रथम लिंग अमृतेश्वर महादेव हैं। अमृतेश्वर महादेव का मंदिर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र में विराजमान है।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- Gyanvapi Case: मां श्रृंगार गौरी मूल वाद सहित 10 मामलों की सुनवाई आज, अंजुमन इंतजामिया ने मांगा था समय

विज्ञापन

काशीखंड के अनुसार अमृतेश्वर महादेव की उत्पत्ति की कथा शिव पुत्र स्कंद जी ने अगस्त्य ऋषि को सुनाई थी। काशी में सनारू नाम के एक गृहस्थ मुनि रहते थे। बिना शिवलिंग की पूजा के वे न भोजन करते और ना ही काशी तीर्थ में दान प्रतिग्रह लेते थे। मुनि के पुत्र उपजंघिनी को वन में मित्रों के साथ खेलते समय सांप ने काट लिया। सनारू ने जैसे ही मृत बालक को जमीन पर लिटाया वह जीवित हो गया। भूमि का प्रभाव जानने के लिए जब वहां खोदाई हुई तो वहां पर श्रीफल के आकार का शिवलिंग निकला। सनारू मुनि ने शिवलिंग की पूजा करके उसे वहीं स्थापित कर दिया। उस लिंग का नाम अमृतेश्वर नाम से विख्यात हुआ। इसी स्थान पर अमृतेश्वरी भी विराजमान हैं। सावन महीने में श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले शिवभक्त अमृतेश्वर महादेव का अभिषेक जरूर करते हैं वहीं, निरंतर महादेव का अभिषेक होता रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed