{"_id":"5b3df8bd4f1c1b86468b4b1c","slug":"amit-shah-take-charge-of-lok-sabha-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमित शाह ने संभाल ली चुनावी कमान, यूपी की 40 सीटों के लिए रणनीति तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमित शाह ने संभाल ली चुनावी कमान, यूपी की 40 सीटों के लिए रणनीति तय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 05 Jul 2018 04:23 PM IST
विज्ञापन
अमित शाह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मिर्जापुर-वाराणसी के दौरे पर आए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मछली की आंख यानी अगली बार भी एनडीए सरकार का मंतव्य स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने लोकसभा चुनाव की कमान संभाल ली है।
वाराणसी दौरे पर अमित शाह ने बुधवार को ज्ञान प्रवाह में काशी, अवध और गोरक्ष प्रांत की 40 सीटों के लिए चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया। सरकार में शामिल पार्टी नेताओं और संगठन पदाधिकारियों के साथ हुई इस बैठक को पूर्वांचल में सपा-बसपा गठबंधन की पैठ को लेकर पार्टी की सतर्कता के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक में पटेल, राजभर, मौर्य और दलित वोट बैंक को सहेजने पर चर्चा की हुई। गठबंधन में शामिल पार्टियों की गतिविधियों पर नजर रखने की भी हिदायत दी गई। बूथ स्तर तक कमेटी को मजबूत करने को कहा गया।
विज्ञापन
इन क्षेत्रों में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि काशी में प्रधानमंत्री 14-15 जुलाई को आ रहे हैं। सभी तैयारियां इससे पहले ही पूरी कर ली जाएं।
विचार-विमर्श में शाह के अलावा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश शामिल रहे।
वाराणसी दौरे पर अमित शाह ने बुधवार को ज्ञान प्रवाह में काशी, अवध और गोरक्ष प्रांत की 40 सीटों के लिए चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया। सरकार में शामिल पार्टी नेताओं और संगठन पदाधिकारियों के साथ हुई इस बैठक को पूर्वांचल में सपा-बसपा गठबंधन की पैठ को लेकर पार्टी की सतर्कता के रूप में देखा जा रहा है।
विज्ञापन
बैठक में पटेल, राजभर, मौर्य और दलित वोट बैंक को सहेजने पर चर्चा की हुई। गठबंधन में शामिल पार्टियों की गतिविधियों पर नजर रखने की भी हिदायत दी गई। बूथ स्तर तक कमेटी को मजबूत करने को कहा गया।
विज्ञापन
इन क्षेत्रों में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि काशी में प्रधानमंत्री 14-15 जुलाई को आ रहे हैं। सभी तैयारियां इससे पहले ही पूरी कर ली जाएं।
विचार-विमर्श में शाह के अलावा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश शामिल रहे।
नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी सख्त हिदायत
लोकसभा चुनाव की तैयारी के क्रम में मिर्जापुर-वाराणसी के दौरे पर आए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मछली की आंख यानी अगली बार भी एनडीए सरकार का मंतव्य स्पष्ट कर दिया है। माना जा रहा है कि इस बार 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले पर झंडा फहराने के साथ ही भाजपा पूरी तरह से चुनावी मोड में आ जाएगी।
2014 के लोकसभा चुनाव की तरह ही शाह ने इस बार भी काशी, अवध और गोरक्ष प्रांत का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। उन्होंने खुद कहा कि दिल्ली की रास्ता यूपी से होकर जाता है।
इसी लिहाज से बुधवार को अपने दौरे में उन्होंने न केवल कार्यकर्ताओं बल्कि नेताओं को संगठन और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की सख्त हिदायत दी। कहा, सहयोग के अभाव में हम लक्ष्य हासिल करने से चूक जाएंगे।
सपा-बसपा गठबंधन की तमाम तिकड़मों को पीछे छोड़ने का आह्वान करते हुए शाह ने संकेत दिए हैं कि इस बार भी चुनावी संग्राम की केंद्र काशी ही रहेगा। सोशल मीडिया के जरिए विपक्ष को करारा जवाब देने की रणनीति बना ली गई है।
बूथ स्तर पर तक पैठ बनाने के लिए स्मार्टफोन वाले पार्टी वालंटियर को जिम्मेदारी दी गई कि किस प्रकार से ग्राफिक्स और कार्टून के माध्यम से जनता तक मेसेज पहुंचाना है।
मोदी सरकार के चार साल के काम काज का तुलनात्मक अध्ययन विपक्षी सरकारों से करने का डेटा बेस मजबूत करने को कहा। उन्होंने आईटी सेल से जुड़े वालटियर्स को इस लड़ाई में इस्तेमाल होने वाली साइबर तकनीक बताई।
2014 के लोकसभा चुनाव की तरह ही शाह ने इस बार भी काशी, अवध और गोरक्ष प्रांत का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। उन्होंने खुद कहा कि दिल्ली की रास्ता यूपी से होकर जाता है।
इसी लिहाज से बुधवार को अपने दौरे में उन्होंने न केवल कार्यकर्ताओं बल्कि नेताओं को संगठन और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की सख्त हिदायत दी। कहा, सहयोग के अभाव में हम लक्ष्य हासिल करने से चूक जाएंगे।
सपा-बसपा गठबंधन की तमाम तिकड़मों को पीछे छोड़ने का आह्वान करते हुए शाह ने संकेत दिए हैं कि इस बार भी चुनावी संग्राम की केंद्र काशी ही रहेगा। सोशल मीडिया के जरिए विपक्ष को करारा जवाब देने की रणनीति बना ली गई है।
बूथ स्तर पर तक पैठ बनाने के लिए स्मार्टफोन वाले पार्टी वालंटियर को जिम्मेदारी दी गई कि किस प्रकार से ग्राफिक्स और कार्टून के माध्यम से जनता तक मेसेज पहुंचाना है।
मोदी सरकार के चार साल के काम काज का तुलनात्मक अध्ययन विपक्षी सरकारों से करने का डेटा बेस मजबूत करने को कहा। उन्होंने आईटी सेल से जुड़े वालटियर्स को इस लड़ाई में इस्तेमाल होने वाली साइबर तकनीक बताई।
शाह और योगी ने ट्विटर पर दौरे की दी जानकारी
अमित शाह और योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मिर्जापुर और बनारस दौरे के कार्यक्रम की जानकारी ट्विटर पर भी साझा की। विंध्याचल मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद अमित शाह ने चार तस्वीर शेयर कर ट्वीट किया कि मां भगवती विंध्यवासिनी आद्या महाशक्ति के दर्शन कर भारतवर्ष की निरंतर खुशहाली की कामना की।
इसके बाद मिर्जापुर में संगठन के क्षेत्र विस्तारकों के साथ बैठक और दीनदयाल हस्तकला संकुल में सोशल मीडिया वालंटियर के साथ बैठक की आठ तस्वीरें भाजपा अध्यक्ष ने ट्वीट की। इसके साथ ही मिर्जापुर और बनारस दौरे को यादगार बताया।
उधर, मुख्यमंत्री ने दीनदयाल हस्तकला संकुल की बैठक की चार तस्वीरों के साथ दौरे के बारे में ट्वीट कर जानकारी दी। इसके अलावा ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्स एप सहित सोशल मीडिया के अन्य सभी प्लेटफार्म पर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुबह से देर रात तक दोनों राजनेताओं के कार्यक्रम, आगमन और संबोधन से संबंधित तस्वीरें और वीडियो साझा करते रहे।
इसके बाद मिर्जापुर में संगठन के क्षेत्र विस्तारकों के साथ बैठक और दीनदयाल हस्तकला संकुल में सोशल मीडिया वालंटियर के साथ बैठक की आठ तस्वीरें भाजपा अध्यक्ष ने ट्वीट की। इसके साथ ही मिर्जापुर और बनारस दौरे को यादगार बताया।
उधर, मुख्यमंत्री ने दीनदयाल हस्तकला संकुल की बैठक की चार तस्वीरों के साथ दौरे के बारे में ट्वीट कर जानकारी दी। इसके अलावा ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्स एप सहित सोशल मीडिया के अन्य सभी प्लेटफार्म पर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुबह से देर रात तक दोनों राजनेताओं के कार्यक्रम, आगमन और संबोधन से संबंधित तस्वीरें और वीडियो साझा करते रहे।