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Amit Shah in Varanasi: 22 घंटे काशी में शाह... कहा- विकसित भारत के लिए राज्यों में समन्वय जरूरी

Wed, 25 Jun 2025 11:12 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 25 Jun 2025 11:12 AM IST
सार

Varanasi News: काशी दौरे पर आए सभी चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गृहमंत्री को राज्य की ओर से चलाए जा रहे अभियानों में एक-एक महत्वपूर्ण अभियानों की जानकारी दी। 

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Amit Shah said in Varanasi Coordination among states necessary for developed India
काशी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्यों के बीच समन्वय और सहकारी संघवाद की मजबूती जरूरी है। इससे ही 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल होगा। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने गृहमंत्री अमित शाह को राज्य की ओर से चलाए जा रहे अभियानों में एक-एक महत्वपूर्ण अभियानों की जानकारी दी। यूपी ने मिशन कन्विक्शन, एमपी ने जल संवर्धन, छत्तीसगढ़ ने वन अधिकार नामांतरण और उत्तराखंड ने प्लास्टिक मुक्त पर प्रस्तुति दी है। गृहमंत्री काशी' में 22 घंटे रहे।

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30 दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल करना और 30 दिन के भीतर ट्रायल
सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के मिशन कन्विक्शन के बारे में बताया कि माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत 2017 से लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में प्रभावी पैरवी करके न्यूनतम समय में कठोर सजा दिलाई जा रही है।
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इस ऑपरेशन के तहत हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन, लूट जैसे अपराधों के आरोपियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी करके उनको कम से कम दिनों में सजा दिलाने का काम किया लगातार किया जा रहा है। इसके तहत 30 दिनों के भीतर जांच पूरी करके आरोप पत्र दाखिल करना और 30 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा करना होता है।
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जल इकाइयों को संरक्षित किया

मध्य प्रदेश के जल संवर्धन अभियान के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि 30 मार्च से इस अभियान को शुरू किया गया। यह 30 जून तक चलेगा। इसके तहत अब तक 31 हजार 857 खेत, तालाब और 8202 से अधिक जल इकाइयों का संरक्षित किया जा चुका है। 34 हजार 171 कुएं रिचार्ज हो चुके हैं, जबकि 932 अमृत सरोवरों का संरक्षण कार्य पूरा किया गया है। अभियान के तहत सरकार ने 70 हजार पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, तालाब, बावड़ियों को सुधारने का लक्ष्य रखा है। बताया गया कि सरकार इसमें ड्रोन सर्वेक्षण, जीआईएस ट्रैकिंग, वैज्ञानिक मैपिंग और डिजिटल मूल्यांकन जैसे कदमों से कार्यों की निगरानी की जा रही है।

धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर प्लास्टिक बोतल पर क्यूआर कोड की व्यवस्था

उत्तराखंड ने प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड पर बताया कि इस अभियान को पूरे राज्य में जोरों पर चलाया जा रहा है। केदारनाथ धाम की तरह राज्य के अन्य धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर प्लास्टिक बोतल पर क्यूआर कोड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन में मदद मिल सके। चारधाम यात्रा मार्ग, पर्यटन और धार्मिक स्थलों समेत बस अड्डे समेत सभी प्रमुख स्थानों पर हर 500 मीटर की दूरी पर डस्टबिन, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को प्रभावी बनाने, के साथ ही प्लास्टिक से अधिक अधिक सड़के बनाई जा रही हैं। 

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हर पांच किलोमीटर पर राज्य में एक बैंक शाखा को यह सुनिश्चित किया गया है। उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत क्षेत्रों में सड़क, संचार और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के माध्यम से और अधिक सहयोग करने का आग्रह किया। इसके साथ ही सीएम ने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत गांवों में सुविधाओं के विकास, भारत नेट और सैटेलाइट संचार सेवाओं के शीघ्र विस्तार पर अपने विचार रखे।

छत्तीसगढ़ सरकार ने वन अधिकार के दावे, आपत्तियों का दो महीने में किया निस्तारण

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से बताया गया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत, वनवासी व्यक्तिगत या सामुदायिक रूप से वन भूमि पर अपने अधिकारों के लिए दावा कर सकते हैं। नामांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जैसे कि वन विभाग के रेंजर्स को तहसीलदार के अधिकार देना और पंजीयन अधिकारियों को भी भूमि हस्तांतरण का अधिकार देना। ये कदम वनवासियों को वन भूमि पर अपने अधिकारों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने में मदद कर रहे हैं। इसके तहत आने वाले दावे और आपत्तियों को बीते दो महीने में ही रिकॉर्ड निस्तारण किया गया है।

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