गजब! स्कूल भवन में रखा जा रहा भूसा और जिम में चल रही क्लास
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जौनपुर जिले के मछलीशहर विकासखंड के बेलासिन गांव की व्यायामशाला में निजी स्कूल का संचालन हो रहा है। सरकारी धन से बने भवन में वर्षों से निजी स्कूल चलने से लोग हतप्रभ हैं। शिक्षा विभाग और ब्लाक कार्यालय के जिम्मेदार इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
बेलासिन गांव में वर्ष 2005-06 में करीब ढाई लाख की लागत से व्यायामशाला का निर्माण कराया गया था। भवन निर्माण के बाद से उपकरण मुहैया न होने से यह शोपीस बनकर रह गया। कुछ वर्ष बाद एक व्यक्ति ने उस भवन में कक्षा-5 तक निजी स्कूल खोल दिया। तब से भी इसी भवन में स्कूल का संचालन होता आ रहा है।
मजेदार बात है कि जिस भवन को दिखाकर विद्यालय की मान्यता ली गई थी, उसमें दूसरे कार्य हो रहे हैं। स्कूल के जीर्ण शीर्ण भवन में भूसा रखा गया है। खंड विकास कार्यालय और शिक्षा विभाग दोनों इससे बेखबर बने हुए हैं। व्यायामशाला के सामने स्थित विद्यालय भवन के एक हिस्से में कक्षा 4 व 5 के कुछ विद्यार्थी बैठकर पढ़ाई करते हैं।
शेष कक्षा 1,2 व 3 के विद्यार्थी व्यायामशाला भवन में पढ़ते हैं। इस बाबत बीडीओ राजन राय का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। अगर व्यायामशाला भवन में स्कूल चलाया जा रहा है तो उसे खाली करवाया जाएगा। वहीं बीईओ शैलपति यादव का कहना है कि प्रकरण पुराना है। पूर्व में किराए के भवन में चल रहे स्कूल को भी मान्यता देने का प्रावधान था। उसी आधार पर विद्यालय को मान्यता दी गई होगी। हो सकता है कि व्यायामशाला भवन को किराए पर दिया गया हो। मामले की जांच कराई जाएगी।
रातों-रात गायब हो गए स्कूल में बंद किए गए छुट्टा पशु
प्राथमिक विद्यालय समोदपुर परिसर में तीन दिन से बंद सैकड़ों छुट्टा पशुओं का कोई पता नहीं है। पशु रातों-रात कहां चले गए, इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं। सुबह प्रधानाध्यापक सरोज सिंह जब विद्यालय पहुंचे तो गेट का ताला खुला हुआ था और पशु नदारद थे। उन्होंने प्रधान को जानकारी दी, लेकिन प्रधान ने भी पशुओं के बारे में अनभिज्ञता जताई।
छुट्टा पशुओं से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को सैकड़ों पशुओं को गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया था। सूचना बीईओ, बीडीओ को दी गई, मगर किसी ने छुट्टा पशुओं को सही जगह पहुंचाने में रुचि नहीं ली। विद्यालय में पशुओं के बंद होने से दो दिनों तक पढ़ाई भी ठप रही।
बुधवार की सुबह प्रधानाध्यापक सरोज सिंह जब विद्यालय पहुंचे तो गेट का ताला खुला था और पुश नदारद थे। उन्होंने सूचना प्रधान को दी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। अचानक पशुओं के गायब होने से ग्रामीण भी सकते में थे। प्रधान अनारा देवी का कहना था कि रात में किसी ने गेट का ताला खोल दिया, जिससे पशु आसपास के गांवों की ओर भाग गए। उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई है।