अमर उजाला वेबिनार: कोरोना काल मे रखें दिल का ख्याल, नहीं रहेगा संक्रमण का खतरा
अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को आयोजित वेबिनार में आईएमएस बीएचयू के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. ओमशंकर ने बताया कि कोरोना से ठीक होने वाले लोगों को कम से कम 6 महीने तक ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
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कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने और दो गज की दूरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है, लेकिन आपको अपने दिल का ख्याल भी रखना होगा। इस दौर में अगर आप अपने दिल का ख्याल सही से रख रहे हैं तो हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम रहेगा, साथ ही कोरोना, ब्लैक फंगस सहित अन्य बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को आयोजित वेबिनार में आईएमएस बीएचयू के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. ओमशंकर ने बताया कि कोरोना से ठीक होने वाले लोगों को कम से कम 6 महीने तक ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। अगर किसी तरह की समस्या हो तो उसे नजरअंदाज न करते हुए तुरंत डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत है। बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा व्यायाम भी नहीं करना चाहिए। खानपान पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।
डॉ. ओम शंकर ने इस दौरान लोगों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पहले से भी ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या वाले मरीजों को अपनी सेहत के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। वेबिनार का सजीव प्रसारण अमर उजाला वाराणसी के फेसबुक पेज पर भी हुआ, इस पर बड़ी संख्या में लोग जुड़ें।
ब्लैक फंगस का हृदय पर पड़ सकता है असर
प्रो शंकर ने बताया कि कोरोना काल में हृदय के मजबूत रहने से ब्लैक फंगस का भी खतरा कम रहेगा। चाहे फंगस ब्लैक हो या व्हाइट, इसका असर हृदय पर भी पड़ता है क्योंकि यह बीमारी नसों तक पहुंच जाती है, इससे पूरे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में पहले से हृदय रोगी और ब्लड प्रेशर और शुगर के रोगियों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। इस समय विशेषकर कोरोना संक्रमित और कोरोना को मात देने वाले लोगों को ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए।
इन बातों का भी जानना जरूरी
- - सही जानकारी के अभाव में लोगों की समस्या बढ़ सकती है।
- -कोरोना काल में मौत की एक वजह हृदय रोग भी है। ऐसे में अधिक सतर्क रहें।
- -जिन्हें कभी कोई बीमारी नहीं रही उनके हृदय को भी कोरोना कमजोर कर देता है।
- -समय-समय पर ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच भी जरूरी है।
- - कोरोना को मात देने के बाद पहले की तरह दौड़ और अधिक व्यायाम से बचें।
- -35 साल और उसके बाद वाले लोगों को भी जब थकान लगे तो व्यायाम बंद कर दें।
- -अगर कोरोना संक्रमित रहे हैं तो डाक्टर की सलाह पर ही व्यायाम शुरू करना चाहिए।
- -डाक्टर की सलाह से स्ट्रायड लें, अधिक स्ट्रायड से शुगर, बीपी होने का खतरा रहता है।
- -अगर शुगर, ब्लड प्रेशर के मरीज है तो भी डाक्टर की सलाह पर टीकाकरण कराएं।
- -बदलते मौसम में समय, परिस्थिति के हिसाब से ही टहलना चाहिए। अभी घर में ही टहलें।