Amar ujala Reality Check : सर्द रात में वाराणसी के शेल्टर होम पर इंतजाम का सच, अलाव नदारद, जिम्मेदार कौन?
ठंड का कहर जारी है। सूरज ढ़लने के साथ ही हाड़ कंपाउ ठंड हर किसी को परेशान कर रही है। प्रशासन ने रैन बसेरे बनाए हैं लेकिन इनका सच जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने दो जगहों का रियल्टी चेक किया है। पारा 12 डिग्री तक पहुंचने के बाद नगर निगम के अलाव नहीं जल रहे जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी मिली कि अभी तक लकड़ी मुहैया नहीं कराई गई है।
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण शहर का मौसम भी शर्द हो चला है। शुक्रवार रात 11:00 के करीब तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। दिन के मुकाबले रात में ढंड से बचाव के लिए लोग जैकेट, दस्ताने और ऊनी टोपी पहन रहे हैं। इधर, ठंड का सितम शुरू होने के बावजूद भी शहर के शेल्टर हाउसों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था अबतक नहीं की गई है।
नगर निगम की व्यवस्था की हकिकत जानने अमर उजाला की टीम जब शुक्रवार रात शहर में निकली तो देखा कि अलईपुरा, गोलगड्डा, राजघाट और टाउन हाल में बनाए गए शेल्टर होम के बाहर अलाव की व्यवस्था नदारथ थी। शेल्टर होम के अंदर शरण लिए हुए लोगों ने बताया कि जब वह शेल्टर होम पहुंचे तो आग नहीं जल रही थी।
वहीं कहीं शौचालय में पानी नहीं आ रहा था तो कहीं बाथरूम गंदे हाल में थें। जिनसे उठ रही दुर्गंध के कारण कोई भी व्यक्ति उसका उपयोग ही नहीं कर सकता। नगर निगम और वन विभाग के द्वारा अबतक शेल्टर हाउसों को जलावन के लिए लकड़ी मोहैया नहीं कराया गया है। ठंड से बचाव के लिए शेल्टर हाउसों तक लकड़ी नहीं पहुंचने का कारण नगर निगम है या व्यवस्था ! इसका जवाब फिलहाल जिम्मेदार अधिकारियों के पास नहीं है।
रात 10:30 बजे गोलगड्डा तिराहे पर स्थित शेल्टर होम का हाल
अमर उजाला की टीम जब रात करीब 10:30 बजे गोलगड्डा स्थित शेल्टर होम पहुंची तो यहां यहां जलावन के लिए लकड़ी नदारथ थी। अंदर बने शौचालय और स्नान गृह गंदे हाल में थें। गोलगड्डा शेल्टर होम के अंदर केयर टेकर हसीन के बजाए खुद को उनका साला बताने वाला युवक इरशाद मौजूद था। कुछ देर में केयर टेकर हसीन मौके पर पहुंचे। उन्होंने आग की व्यवस्था नहीं होने के संबंध में अधिकारियों से बात करने के लिए कहा।
रात 11 बजे अलईपूरा शेल्टर होम का हाल
अलईपुरा स्थिति सिटी रेलवे स्टेशन के सामने बने नगर निगम के शेल्टर होम के बाहर अलाव की व्यवस्था नहीं थी। शेल्टर होम के अंदर मौजूद बरवा (बलिया) निवासी मनोज कुमार, मोहमदाबाद के संदीप गुप्ता और बलामू (झारखंड) के शतेंद्र मेहता ने बताया वह ट्रेन छूटने के कारण शाम के वक्त शेल्टर होम पहुंचे थें। ठंड से बचाव के लिए यहां अलाव नहीं जल रहा था। वहीं शेल्टर होम के अंदर बनाए गए शौचालय में पानी नहीं आ रहा था। केयर टेकर रियाज अहमद ने पूछने पर बताया कि करीब एक सप्ताह से शौचालय में पानी नहीं आ रहा है। इस समस्या से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।