अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: हीट वेव से आंखों में जलन और चुभन, तेज धूप में बाहर निकलें तो बरतें ये सावधानी
वाराणसी में पिछले एक सप्ताह से हीट वेव चलने असर से जनजीवन पर दिखने लगा है। अस्पतालों में पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। आंखों में जलन और चुभन की समस्या हो रही है।
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पिछले एक सप्ताह से हीट वेव चलने से जनजीवन पर असर दिखने लगा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़क पर चलना मुश्किल है। आंखों में एलर्जी की वजह से कंजंक्टिवाइटिस यानी जलन और चुभन की समस्या हो रही है। पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार, बच्चों के लिए यह मौसम खतरनाक है। इस समय उल्टी दस्त, डायरिया वाले बच्चे ओपीडी में अधिक आ रहे हैं।
दीनदयाल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पीके सिंह ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में पाचन ठीक न होने, उल्टी, दस्त की समस्या अधिक मिल रही है। खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। कोशिश करनी चाहिए कि शरीर में पानी की मात्रा कम न हो। ओपीडी में आने वाले 80 से 100 मरीजों में 20 से 30 पेट संबंधी समस्या वाले हैं।
25 प्रतिशत मरीज एलर्जी के
मंडलीय अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएस त्रिपाठी ने बताया कि सामान्य दिनों में 100 से 200 मरीज नेत्र रोग की समस्या वाले आते हैं। इस समय 20 से 25 प्रतिशत एलर्जी वाले मरीज हैं। मार्च में यह संख्या 10 प्रतिशत ही थी। आंखों में लालीपन, जलन, दर्द आदि की समस्या हो रही है। बीएचयू क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में भी कंजंक्टिवाइटिस वाले मरीज आ रहे हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. एमके सिंह ने बताया कि मार्च-अप्रैल में यह समस्या अधिक होती है। मरीजों को आंख धुलने चश्मा लगाने, धूल वाली जगह पर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
यह बरतें सावधानी
- तेज धूप में पूरी बांह का कपड़ा पहनकर निकलें
- शरीर में पानी की मात्रा कम न होने दें
- खीरा, ककड़ी, तरबूज का सेवन करें।
- कोई भी समस्या होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न लें।
- धूप से घर आने के बाद तुरंत पानी न पीएं और नहाने से भी बचे
- आंखों पर चश्मा लगाकर ही बाहर निकलें
चिल्ड्रेन वार्ड फुल, दूसरे वार्ड में भर्ती
अप्रैल से ही तापमान में बढ़ोतरी शुरू हुई। इसका असर बच्चों पर अधिक देखने को मिल रहा है। मंडलीय अस्पताल में 20 बेड वाला चिल्ड्रेन वार्ड इस समय फुल हो गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी गुप्ता ने बताया कि गर्मी में बच्चों में डिहाइड्रेशन यानी उल्टी, दस्त, डायरिया की समस्या होती है। वार्ड में भर्ती बच्चों में सर्वाधिक इससे परेशान हैं। अभिभावक तेज धूप में बच्चों को बाहर न जाने दें, स्कूल से आने के बाद उन्हें तुरंत पानी न पिलाएं।