Varanasi Traffic: तकनीक, अनुशासन और सख्ती से सुधरेगी काशी की ट्रैफिक चाल, चंडीगढ़ के डीआईजी ने बताई ये बात
Varanasi News: चंडीगढ़ में तकनीक आधारित निगरानी, स्मार्ट सिग्नल सिस्टम और सख्त प्रवर्तन से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ। ऐसे में चंडीगढ़ में किए गए प्रयास को वहां के डीआईजी ने हमारे साथ साझा किए।
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संकरी गलियां, बढ़ते वाहन और अव्यवस्थित यातायात से परेशान काशी के लिए चंडीगढ़ का ट्रैफिक मॉडल एक व्यवहारिक उदाहरण बन सकता है। सुनियोजित सड़कों वाला शहर होने के बावजूद चंडीगढ़ ने तकनीक, सख्त नियम पालन और स्मार्ट निगरानी के जरिये ट्रैफिक को व्यवस्थित किया है।
चंडीगढ़ के डीआईजी समर प्रताप सिंह ने चंडीगढ़ में किए गए प्रयास हमसे साझा किए और बताया कि काशी में अगर ये प्रयास किए जाएं तो लंबे समय से ट्रैफिक जाम से जूझ रही वाराणसी की जनता को राहत मिल सकती है।
धार्मिक नगरी होने के कारण यहां सामान्य दिनों के अलावा पर्व-त्योहार, स्नान पर्व, वीआईपी मूवमेंट और पर्यटकों की भीड़ से स्थिति और जटिल हो जाती है। ऐसे में चंडीगढ़ का ट्रैफिक प्रबंधन मॉडल काशी के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। वहां इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के जरिये एक केंद्रीय कमांड सेंटर से ट्रैफिक की निगरानी और नियंत्रण किया जाता है।
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प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरे, सेंसर और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम ट्रैफिक दबाव के अनुसार व्यवस्था को संचालित करते हैं। एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) के माध्यम से सिग्नल टाइमिंग ट्रैफिक घनत्व के हिसाब से स्वतः बदलती है।
वाराणसी के कैंट, लंका, गोदौलिया, अंधरापुल, चौकाघाट और भेलूपुर जैसे संवेदनशील चौराहों पर ऐसी व्यवस्था लागू होने से राहत मिल सकती है। चंडीगढ़ की तरह सिग्नलों और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी व उल्लंघन-पहचान कैमरों से जुड़े ऑटोमैटिक ई-चालान सिस्टम को और सख्ती से लागू करना भी जरूरी है।
लेन ड्राइविंग, पार्किंग नियम, हेलमेट और सीट बेल्ट पालन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाने होंगे। ट्रैफिक पुलिस को भी सॉफ्टवेयर आधारित ड्यूटी, कैमरा मॉनिटरिंग और संवेदनशील इलाकों में रणनीतिक तैनाती के जरिए और प्रभावी बनाया जा सकता है।