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अलविदा हुआ माह-ए-रमजान
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2015 02:11 AM IST
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वाराणसी। हर ओर खुशियां, अकीदत और नूरानियत के रंग...। सफेद कुर्ता पायजामा की चमक के बीच इत्र की खुशबू से मस्जिदें ही नहीं गलियां, सड़कें तक गमक गईं। माह-ए-रमजान की रुखसती का पैगाम लेकर आए अलविदा जुमा के दिन मस्जिद से लेकर सड़कों तक नमाजियों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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लोगों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा कर मुल्क की सलामती और खुशहाली की दुआ मांगी। वहीं, माह-ए-रमजान को अलविदा कहते हुए नमाजियों की आंखें नम हो उठीं।
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शहर भर में अलविदा जुमा की नमाज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई। मस्जिदों के अलावा खुले आसमान के नीचे सड़कों पर सजदे में एक साथ हजारों सिर झुके और दुआ के लिए हाथ उठे तो नजारा देखते बन रहा था। जामा मस्जिद नदेसर और ज्ञानवापी मस्जिद में नमाजियों की भीड़ इस कदर उमड़ी कि लोगों के कदम ठिठक गए। नदेसर तिराहे पर आवागमन रोककर यहां सड़क पर नमाज अदा की गई।
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लंगड़ा हाफिज मस्जिद में नमाज के वक्त खरीदारी तक बंद हो गई। कपड़ा मार्केट में गलियों तक में नमाज अदा की गई। इस दौरान दालमंडी जाने वाले सभी मार्गों को बंद कर दिया गया था। ज्ञानवापी मस्जिद में मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी की इमामत में नमाज अदा की गई।
पुलिस लाइन स्थित मस्जिद दायम खां में अलविदा जुमा की नमाज के वक्त सड़कों तक नमाजियों की भीड़ रही। इसी तरह मस्जिद ढाई कंगूरा, आलमगीर मस्जिद धरहरा, मुगलिया मस्जिद बादशाहबाग, मीनार वाली मस्जिद पीलीकोठी, मस्जिद गंज शहीदा राजघाट जैसी ऐतिहासिक मस्जिदों में भी नमाजियों की जबरदस्त भीड़ रही।
वहीं सरैया स्थित ईदगाह पुरानापुल का नजारा तो और पुरकशिश था। यहां जब एक साथ हजारों लोग सजदे में झुके और दुआ के बाद जैसे ही एक साथ आमीन कहा, यूं लगा जैसे उनकी दुआएं बारगाह-ए-इलाही में कुबूल हो गईं।