एलुमनी मीट : पांच IAS, 14 बिजनेस मैन पहुंचे पुराने हॉस्टल, बोले- गुरु-शिष्य परंपरा को न भूलें; मिला सम्मान
बीएचयू में आयोजित पूर्व छात्र समागम में स्टूडेंट्स एक-दूसरे से मिलते तो पुरानी यादें ताजा हो गईं। इनमें 5 आईएएस, 5 सीनियर एडवोकेट समेत 14 कॉरपोरेट, बिजनेस मैन और अधिकारी रहे।
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बीएचयू में सामाजिक विज्ञान संकाय में पहली बार पूर्व छात्र समागम हुआ। इसमें 1992-95 सत्र के 44 पूर्व छात्र अपने पुराने आचार्य नरेंद्र देव हॉस्टल पहुंचे। साथ ही एआई के युग में भी गुरू शिष्य परंपरा को कभी न भूलने की सीख दी।
वहीं, प्रभारी कुलपति प्रो. संजय कुमार ने मुलाकात कर बीते 30 साल में बीएचयू की उपलब्धियां गिनाईं। पूर्व छात्रों ने भी बीएचयू के छात्राें को मल्टी नेशनल कंपनियों, मंत्रालय और बैंक में जॉब और इंटर्नशिप की उम्मीद जताई। इसके बाद सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर में पूर्व संकाय प्रमुख प्रो. अरविंद जोशी ने पूर्व छात्रों को पुरस्कृत किया। इनमें 5 आईएएस, 5 सीनियर एडवोकेट समेत 14 कॉरपोरेट, बिजनेस मैन और अधिकारी रहे।
सीडीसी बिल्डिंग सामाजिक विज्ञान संकाय में प्लेसमेंट सेल और लीडर एंड लाइफ स्किल्स की प्रोफेसर इनचार्ज प्रो. मनीषा मेहरोत्रा ने छात्र और छात्राओं का संवाद भी कराया। पुरा छात्राें ने बीएचयू-कनेक्ट पोर्टल से जुड़ने की बात कही। साथ ही ये भी कहा कि इससे पूरी दुनिया में सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई करने वालों को भी जॉब और इंटर्नशिप के ऑफर मिलेंगे।
डर को बाहर निकालें, जीत जरूर मिलेगी
पूर्व छात्रों ने कहा कि 30 साल पहले इस तरह का प्लेसमेंट नहीं होता था। विचित्र मणि ने कहा कि छात्र अपने अंदर के डर को बाहर निकालें। इससे एकेडमिक सफलताएं भी आपके कदम चूमेगी।
रजनीश सिंह ने कहा कि आजकल छात्र एआई और चैट जीपीटी पर जोर देते हैं, लेकिन ये कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकते है। बीएचयू की गुरु-शिष्य परंपरा को अनवरत बनाए रखिए। दिल्ली के बृजेश ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को आत्म अवलोकन करना जरूरी है।
30 साल पहले सिर्फ सिविल सर्विसेज ही था कॅरिअर
बैंक ऑफ बड़ौदा के एजीएम ने कहा कि अब नौकरी में दिक्कत नहीं आएंगी। झारखंड में आईएएस मनीष रंजन ने कहा कि 30 साल पहले सिर्फ सिविल सर्विसेज में कॅरिअर बनाने का सपना होता था। अब कई प्रकार के अवसर हैं। नलिन ने कहा कि दुनियाभर में बीएचयू के छात्र मिलेंगे। अनुराग प्रताप ने कहा कि आज पुराने दोस्तों से मिला और गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।