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नौचंदी जुमेरात पर उठाया अलम का जुलूस, की दुआख्वानी
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नौचंदी जुमेरात पर अलम उठाकर नौहा मातम किया गया। अकीदतमंदों ने बीबी फातिमा का रौजा बनाने के लिए दुआख्वानी की। बृहस्पतिवार को दरगाह ए फातमान, सदर इमामबाड़ा, चौहट्टा लाल खान, अर्दली बाजार, रामनगर, शिवाला, पठानीटोला में शिया हजरात ने बदस्तूर अलम उठाकर नौहा मातम व मजलिस के साथ बीबी फातिमा का रौजा बनाने की मांग की।
दरगाह ए फातमान में शिया जमा मस्जिद के प्रवक्ता व अली समिति के सचिव हाजी फरमान हैदर ने कहा कि नबी की बेटी खातून जन्नत हसन हुसैन की मां जनाबे फातिमा का रौजा सऊदी अरब के मदीना शहर में 99 साल पहले ईद के आठवें दिन जमींदोज कर दिया गया था। ब्रिटेन के इशारे पर आले सऊद ने यह काम किया था। तब से आज तक रौजा बनाने की मांग पूरी दुनिया में उठाई जा रही है। फातमान में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने विरोध में नारे बुलंद किए और रौजे के निर्माण के लिए दुआख्वानी की। इस अवसर पर हाजी आलिम, हैदर मौलाई, शाहीन हुसैन, फिरोज हुसैन मौजूद थे। दरगाह के मुतवल्ली अब्बास रिजवी शफक ने जायरीन का इस्तकबाल किया। सात दिवसीय मजलिस के दूसरे दिन मस्जिद मीर नादे अली में अंजुमन हैदरी के जेरे इंतेजाम बाकर हुसैन ने मजलिस को खिताब किया। आठ शव्वाल को काली महल से जुलूस उठेगा।
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दरगाह ए फातमान में शिया जमा मस्जिद के प्रवक्ता व अली समिति के सचिव हाजी फरमान हैदर ने कहा कि नबी की बेटी खातून जन्नत हसन हुसैन की मां जनाबे फातिमा का रौजा सऊदी अरब के मदीना शहर में 99 साल पहले ईद के आठवें दिन जमींदोज कर दिया गया था। ब्रिटेन के इशारे पर आले सऊद ने यह काम किया था। तब से आज तक रौजा बनाने की मांग पूरी दुनिया में उठाई जा रही है। फातमान में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने विरोध में नारे बुलंद किए और रौजे के निर्माण के लिए दुआख्वानी की। इस अवसर पर हाजी आलिम, हैदर मौलाई, शाहीन हुसैन, फिरोज हुसैन मौजूद थे। दरगाह के मुतवल्ली अब्बास रिजवी शफक ने जायरीन का इस्तकबाल किया। सात दिवसीय मजलिस के दूसरे दिन मस्जिद मीर नादे अली में अंजुमन हैदरी के जेरे इंतेजाम बाकर हुसैन ने मजलिस को खिताब किया। आठ शव्वाल को काली महल से जुलूस उठेगा।
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