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Varanasi News: 14 लाख के सीपीएफ घोटाले में लीपापोती का आरोप
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वाराणसी। विद्युत परीक्षण खंड चितईपुर और नगरीय विद्युत वितरण खंड पंचम के 40 कर्मचारियों के वेतन से काटी गई करीब 14 लाख रुपये की सीपीएफ धनराशि के घालमेल का पर्दाफाश होने के बावजूद दोनों खंडों के अधिकारियों और उप मुख्य लेखाधिकारी कार्यालय के लोग लीपापोती कर रहे हैं। यह आरोप विद्युत मजदूर पंचायत उप्र के प्रतिनिधियों की यूनियन भवन भिखारीपुर में शुक्रवार को प्रांतीय उपाध्यक्ष आरके वाही की अध्यक्षता में बैठक में वक्ताओं ने लगाए।
कहा कि 2013 से लेकर 2015 तक विद्युत परीक्षण खंड चितईपुर के अंतर्गत 30 कर्मचारियों के छठे वेतन आयोग और समय-समय पर महंगाई भत्ते में की गई बढ़ोतरी का कुल 14 लाख रुपये कर्मचारियों के सीपीएफ खातों में जमा नहीं किया गया। इसी प्रकार नगरीय विद्युत वितरण खंड पंचम के 10 कर्मचारियों के दिसंबर 2014 में वेतन से काटे गए सीपीएफ भी जमा नहीं किया गया। 2013 से 2017 तक महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी भी खातों में जमा नहीं की गई। चेतावनी दी कि मार्च में घोटालों का निस्तारण न कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। वक्ताओं ने पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी से मामले का निस्तारण कराने की अपील की। इस मौके पर डॉ. आरवी सिंह, ओपी सिंह, अंकुर पांडेय, जीउत लाल, विजय सिंह मौजूद रहे।
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कहा कि 2013 से लेकर 2015 तक विद्युत परीक्षण खंड चितईपुर के अंतर्गत 30 कर्मचारियों के छठे वेतन आयोग और समय-समय पर महंगाई भत्ते में की गई बढ़ोतरी का कुल 14 लाख रुपये कर्मचारियों के सीपीएफ खातों में जमा नहीं किया गया। इसी प्रकार नगरीय विद्युत वितरण खंड पंचम के 10 कर्मचारियों के दिसंबर 2014 में वेतन से काटे गए सीपीएफ भी जमा नहीं किया गया। 2013 से 2017 तक महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी भी खातों में जमा नहीं की गई। चेतावनी दी कि मार्च में घोटालों का निस्तारण न कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। वक्ताओं ने पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी से मामले का निस्तारण कराने की अपील की। इस मौके पर डॉ. आरवी सिंह, ओपी सिंह, अंकुर पांडेय, जीउत लाल, विजय सिंह मौजूद रहे।
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