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जन्माष्टमी पर बन रहा सर्वपाप हारी योग

Tue, 24 Aug 2021 01:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 01:33 AM IST
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All sins being lost on Janmashtami
अखिल ब्रह्मांड के महानायक और जन-जन के आराध्य षोडश कलाओं से युक्त नटवर नागर का जन्मोत्सव 30 अगस्त को मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से जयंती योग बन रहा है। इस बार की जन्माष्टमी सर्वपाप को हरने वाली है। गृहस्थों की जन्माष्टमी 30 अगस्त को और उदयव्यापिनी रोहिणी होने के कारण रोहिणी मतावलंबी वैष्णवों की जन्माष्टमी 31 अगस्त को मनाई जाएगी।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश गणेश मिश्र ने बताया कि 29 अगस्त को अष्टमी रात्रि में 10:10 बजे से 30 अगस्त को रात्रि 12:14 बजे तक है। रोहिणी नक्षत्र 30 अगस्त को प्रात: 6:41 बजे से 31 अगस्त को दिन में 9:19 मिनट तक है। 30 अगस्त की रात्रि में अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का योग बन रहा है। जब मध्य रात्रि में अष्टमी तिथि एवं रोहिणी नक्षत्र का योग होता है तब सर्वपाप को हरने वाली जयंती योग से युक्त जन्माष्टमी होती है।
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ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि द्वापर में जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, उस समय भी जयंती योग पड़ा था। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना का विशिष्ट काल तथा अष्टमी तिथि 30 अगस्त को मिल रही है। 30 अगस्त को अष्टमी तिथि तथा महानिशिथकाल का योग रात्रि 11:41 बजे से रात्रि 12:25 बजे तक रहेगा। यह भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के लिए विशेष फलदायी रहेगा।
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