{"_id":"687363d2579916a8b9037d0f","slug":"all-religions-in-america-but-who-will-become-president-is-written-in-constitution-swant-ranjan-said-big-thing-2025-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: अमेरिका में सभी धर्म, पर राष्ट्रपति कौन बनेगा संविधान में लिखा है; स्वांत रंजन ने कही बड़ी बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: अमेरिका में सभी धर्म, पर राष्ट्रपति कौन बनेगा संविधान में लिखा है; स्वांत रंजन ने कही बड़ी बात
Sun, 13 Jul 2025 01:14 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sun, 13 Jul 2025 01:14 PM IST
सार
एनी बेसेंट सभागार में अखिल भारतीय प्रचारक स्वांत रंजन ने देश-विदेश के कई मामलों पर गहनता से अपनी बात रखी। सांस्कृतिक पुनर्जागरण की चर्चा होते ही लोगों ने उनकी बातों को और ध्यान से सुना एवं समझा।
विज्ञापन
आईआईटी बीएचयू में विचार व्यक्त करते लोकपाल सदस्य ऋतुराज अवस्थी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
IIT BHU: आईआईटी बीएचयू के एनी बेसेंट सभागार में तत्ववादी स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम में वैदिक तकनीक के साथ चरित्र और व्यक्ति निर्माण पर बात हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक स्वांत रंजन ने कहा कि अमेरिका में हिंदू और मुसलमान दोनों हैं लेकिन वहां का राष्ट्रपति वहीं बनेगा जो वहां के संविधान में लिखा हुआ है। इसी तरह इंग्लैंड का राष्ट्रपति केवल ब्रिटिश कैथोलिक ही होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कलियुग का यह 5127वां वर्ष चल रहा है। उसके पहले द्वापर, त्रेता, सतयुग था। हमारे सनातन परंपरा में अन्य कई मतावलंबी भी हैं। उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है। भारत में चरित्र और व्यक्ति निर्माण पर ज्यादा जोर देना होगा। महामना मालवीय मिशन की बीएचयू इकाई, आईआईटी बीएचयू, विज्ञान भारती और काशी प्रांत की ओर से शनिवार को डॉ. शंकर विनायक राव तत्ववादी स्मृति व्याख्यान माला कराई गई।
विज्ञापन
इसमें पंच परिवर्तन - सांस्कृतिक पुनर्जागरण विषय पर मुख्य अतिथि लोकपाल के विधिक सदस्य न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी भी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन महज वैचारिक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण की दिशा में संघ की सक्रिय सामाजिक और संवैधानिक भागीदारी है।
विज्ञापन
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने बंगाल के पुनर्जागरण का उदाहरण दिया। पांच परिवर्तन के सांस्कृतिक पुनर्जागरण को परिभाषित किया। इकाई अध्यक्ष प्रो. उपेंद्र त्रिपाठी ने स्वागत भाषण, महामंत्री डॉ प्रभाकर उपाध्याय और डॉ. अनूप कुमार ने संचालन किया।