कैंट रेलवे स्टेशन के सभी द्वार बंद, 22 हजार यात्रियों की घेराबंदी करके हुई थर्मल स्क्रीनिंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस से बचाव और जनता कर्फ्यू को लेकर रविवार को रेल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। मुंबई से आने वाली ट्रेनों और रूटीन की ट्रेनों के यात्रियों की मेन गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई। मेडिकल टीम ने घेराबंदी करते हुए यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही जाने दिया। सिर्फ मुख्य द्वार से ही यात्रियों को आने-जाने की अनुमति दी गई।
बाकि अन्य सभी द्वार को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया। गेट पर निगरानी को आरपीएफ और जीआरपी के जवान भोर में 4 बजे से लेकर रात तक बने रहे। मुंबई से आने वाली स्पेशल ट्रेन पुणे-गोरखपुर, आगरा की मरूधर एक्सप्रेस, वाराणसी-मऊ पैसेंजर डेमू सहित आधा दर्जन ट्रेनों के यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। उत्तर रेलवे के एडीआरएम रवि चतुर्वेदी, स्टेशन निदेशक आनंद मोहन आदि अधिकारियों ने स्टेशन के यात्री हाल, वेटिंग रूम, प्लेटफार्मों का दौरा कर विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया।
स्टेशन पर करीब छह हजार यात्रियों का आवागमन हुआ। एहतियातन आरपीएफ-जीआरपी के अलावा सिगरा थाने की पुलिस मुस्तैद रही। उधर, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर मुंबई से पहुंची स्पेशल टे्रन, दिल्ली से शिवगंगा, मंडुवाडीह सुपरफास्ट के यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। प्लेटफार्म नंबर आठ पर पहुंची शिवगंगा एक्सप्रेस के एक दर्जन यात्रियों को मेडिकल टीम ने रोक लिया।
जिन्हें स्टेशन पर बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में एक घंटे रखने के बाद छोड़ा गया। तापमान अधिक मिलने पर चार यात्रियों का नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद छोड़ा गया। वहीं प्लेटफार्म नंबर एक पर हावड़ा से पहुंची विभूति एक्सप्रेस के यात्रियों की स्क्रीनिंग नहीं की गई। वाराणसी सिटी रेलवे पर सतर्कता के साथ यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। कोई यात्री कोरोना संदिग्ध नहीं पाया गया।