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काशी में रचा गया इतिहास, धर्म, जाति और लिंगभेद को हटाकर हुआ यज्ञ, डाली गई आहुति
Wed, 26 Aug 2020 01:29 AM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Wed, 26 Aug 2020 01:29 AM IST
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महायज्ञ में आहुति डालते लोग
- फोटो : अमर उजाला।
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काशी में पातालपुरी मठ ने इतिहास रच दिया। धर्म, जाति और लिंगभेद को हटाकर विश्वशांति के लिए सर्वसमाज ने महायज्ञ में आहुति डाली। मंगलवार को 11 दिवसीय हनुमान चालीसा का हवनात्मक विश्वशांति यज्ञ की समाप्ति पर फलात्मक महायज्ञ आयोजित हुआ।
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पातालपुरी सनातन धर्म रक्षा परिषद की ओर से आयोजित इस यज्ञ में महिलाओं ने भाग लिया। दलित दंपति, मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी को यजमान बनाया गया। साथ ही पहली बार किन्नर समाज के लोगों ने सभी के साथ आहुति डाली।
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पातालपुरी के पीठाधीश्वर महंत बालक दास ने कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति में सबका स्वागत है। हम किसी तरह का भेदभाव नहीं करते। इस दौरान डॉ. राजीव श्रीवास्तव, अर्चना, नजमा, किन्नर गुरु निशा के साथ ललिता, रानी, खुशबू, सोनी और सोना ने आहुति डाली।
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