{"_id":"609ebd1c2f507156c833e622","slug":"akshaya-tritiya-rituals-in-varanasi-drains-of-ganga-water-and-curtains-of-poppy-were-put-up-for-relieve-baba-vishwanath-from-the-heat","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्षय तृतीया : बाबा विश्वनाथ को गर्मी से राहत दिलाने के लिए गंगधार की जलधरी, खस के पर्दे लगाए गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अक्षय तृतीया : बाबा विश्वनाथ को गर्मी से राहत दिलाने के लिए गंगधार की जलधरी, खस के पर्दे लगाए गए
Fri, 14 May 2021 11:40 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 14 May 2021 11:40 PM IST
सार
कोरोना संकट काल के कारण अक्षय तृतीया पर काशीपुराधिपति के मंदिर में अक्षय तृतीया की परंपरा निभाई गई। बाबा विश्वनाथ को गर्मी से राहत दिलाने के लिए जलधरी के साथ ही गर्भगृह के चारों तरफ खस के पर्दे लगाए गए।
विज्ञापन
अक्षय तृतीया पर निभाई गई जलधरी की परंपरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अक्षय तृतीया पर काशीपुराधिपति को जलधरी फव्वारा अर्पित किया गया। मंगला आरती से पहले अक्षय तृतीया के मान विधान के अनुसार शीतल शृंगार भी किया गया। कोरोना महामारी के कारण भक्त तो नहीं पहुंचे, लेकिन घरों से ही बाबा विश्वनाथ का ध्यान कर अक्षय पुण्य की कामना की गई।
विज्ञापन
शुक्रवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को बाबा विश्वनाथ को गर्मी से राहत दिलाने के लिए जलधरी के साथ ही गर्भगृह के चारों तरफ खस के पर्दे लगाए गए। बाबा विश्वनाथ को आम का भोग अर्पित किया गया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा शहर के सभी शिवालयों में जलधरी की परंपरा का निर्वहन किया गया।
विज्ञापन
वहीं दूसरी तरफ भगवान विष्णु के मंदिरों में भगवान को चंदन अर्पित किया गया। कोरोना संक्रमण के कारण भक्त मंदिर तो नहीं पहुंचे, लेकिन घरों में ही सुख-समृद्धि और संपदा की कामना से श्रीयंत्र की पूजा की। भक्तों ने लक्ष्मीनारायण का विधि-विधान से पूजन कर आशीष लिया। शहर के लक्ष्मी मंदिरों में आस्थावानों ने सीमित संख्या में मत्था टेका। पांडेयपुर स्थित लक्ष्मी मंदिर और लक्सा स्थित लक्ष्मीकुंड में भी श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई।
विज्ञापन