बाहुबली विधायक विजय मिश्र की बेटी सीमा साइकिल पर सवार, विद्या ने भी सपा का दामन थामा
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उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद के ज्ञानपुर से बाहुबली विधायक विजय मिश्र की बेटी सीमा मिश्रा के दोबारा सपा में शामिल होने के बाद भदोही जिले के सियासी गलियारे में हलचल मच गई है। रिश्तेदार से संपत्ति विवाद में जेल में बंद विधायक की बेटी के अखिलेश की साइकिल पर सवार होने के कई सियासी निहितार्थ निकाले जाने लगे हैं। वहीं आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली और बसपा से जुड़ीं पूर्व मंत्री विद्या चौधरी ने शुक्रवार को सपा का दामन थाम लिया।
सीमा मिश्रा 2014 में सपा के टिकट पर भदोही सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। उन्होंने भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त को कड़ी टक्कर दी थी। उस समय विधायक विजय मिश्र सपा में थे। 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शतरंज की बिसात पर मुहरे सजा रहे अखिलेश यादव के इस कदम को भदोही जिले के राजनीतिक परिदृश्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकार बताते हैं कि चार बार से लगातार विधायक रहे विजय मिश्र को रोकने में जुटे विरोधियों के लिए सीमा की सपा में ताजपोशी नई चुनौती बन सकती है। यद्यपि इस ताजे राजनीतिक घटनाक्रम का असली मकसद तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन एक बात तो तय है कि सपा ने सीमा को अगर चुनावी योद्धा बनाकर भदोही के मैदान में उतार दिया तो स्थानीय राजनीति की तासीर बदल सकती है।
आजमगढ़: बसपा की विद्या ने सपा का दामन थामा
पिछले 26 साल से बसपा से जुड़ीं पूर्व मंत्री विद्या चौधरी ने शुक्रवार को सपा का दामन थाम लिया। इसके साथ ही आजमगढ़ जनपद में नई सियासत शुरू हो गई है। लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। पूर्व मंत्री ने टिकट के लिए पैसे मांगने को पार्टी छोड़ने का कारण बताया।
विद्या चौधरी
आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली विद्या चौधरी की गिनती बसपा के दिग्गज नेताओं में होती थी। उन्होंने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत 1994 में की थी। बसपा की जिला महामंत्री, जिला कोआपरेटिव बैंक की निदेशक रहीं। बसपा के टिकट पर जिला पंचायत चुनाव लड़ा।
वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में मेंहनगर सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ीं, लेकिन जीत न सकीं। वर्ष 2002 और 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्हें जीत मिली और बसपा सरकार में वित्त मंत्री और महिला कल्याण राज्यमंत्री, महिला आयोग के अध्यक्ष पदों पर काबिज रहीं। शुक्रवार को उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव के समक्ष सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।