{"_id":"625e752e4f571263446759a8","slug":"air-pollution-highest-pollution-in-the-air-of-dashashwamedh-ghat-aqi-362","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी में वायु प्रदूषण : दशाश्वमेध घाट की हवा सबसे खराब, एक्यूआई पहुंचा 362","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी में वायु प्रदूषण : दशाश्वमेध घाट की हवा सबसे खराब, एक्यूआई पहुंचा 362
Wed, 20 Apr 2022 01:07 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 20 Apr 2022 01:07 PM IST
सार
अस्सी पर वायु गुणवत्ता स्तर बेहद खराब, केदार और पञ्चगंगा तुलनात्मक तौर पर साफ
स्थानीय नागरिकों और सैलानियों के स्वास्थ्य से बंद हो खिलवाड़, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम का हो क्रियान्वयन
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
काशी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध और अस्सी घाट की हवा की गुणवत्ता सबसे खराब है। क्लाइमेट एजेंडा की ओर से 18 अप्रैल को शाम पांच बजे से सात बजे तक चार महत्वपूर्ण घाटों पर वायु गुणवत्ता की निगरानी की गई। इसमें अस्सी, केदार, दशाश्वमेध और पंचगंगा घाट पर हवा की जांच की गई।
इसमें दशाश्वमेध और अस्सी पर वायु गुणवत्ता बेहद खराब मिली, जबकि केदार और पंचगंगा घाट क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहा। दशाश्वमेध घाट का एयर क्वालिटी इंडेक्स(एक्यूआई) 362, अस्सी का 220, केदार घाट का 180 और पंचगंगा घाट का 149 दर्ज किया गया।
क्लाइमेट एजेंडा की निदेशक एकता शेखर का कहना है कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वाराणसी इकाई को शहर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर चिंता तभी होती है, जब दिल्ली, बंगलूरू जैसे शहरों में प्रदूषण पर चर्चा की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसमें दशाश्वमेध और अस्सी पर वायु गुणवत्ता बेहद खराब मिली, जबकि केदार और पंचगंगा घाट क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहा। दशाश्वमेध घाट का एयर क्वालिटी इंडेक्स(एक्यूआई) 362, अस्सी का 220, केदार घाट का 180 और पंचगंगा घाट का 149 दर्ज किया गया।
विज्ञापन
क्लाइमेट एजेंडा की निदेशक एकता शेखर का कहना है कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वाराणसी इकाई को शहर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर चिंता तभी होती है, जब दिल्ली, बंगलूरू जैसे शहरों में प्रदूषण पर चर्चा की जाती है।
विज्ञापन
Trending Videos
अगर विभाग सक्रिय रहता तो वाराणसी में गर्मी के दौरान प्रदूषण की मार इतनी भयावह नहीं होती कि अस्सी घाट पर स्थापित किया गया कृत्रिम फेफड़ा मात्र तीन दिनों में काला पड़ जाए। ऐसे में जिलाधिकारी द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के सही तरीके से अनुपालन के लिए बनी जिला कमेटी में शामिल संस्थाओं और संगठनों को भी कुछ पहल करनी चाहिए।