काशी के आसमान में वायुसेना का दम: एयर शो में शामिल 20 विमानों में 14 विदेशी, रूस, फ्रांस, यूएस में बने
एयर शो में शामिल तेजस भारत में डिजाइन और विकसित किया गया लड़ाकू विमान है। वहीं, सुखोई-30 एमकेआई की मूल डिजाइन रूस की है लेकिन इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने भारत में किया है।
विस्तार
गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के शौर्य और हवाई कौशल का प्रदर्शन करने वाले एयरक्राफ्ट के निर्माण की कहानी भी खास है। एयर शो में शामिल 20 विमानों में से 14 का निर्माण विदेश में हुआ है, जबकि छह एयरक्राफ्ट भारत में बने हैं। इनमें कुछ विमान विदेशी डिजाइन और तकनीक पर आधारित हैं, लेकिन उनका उत्पादन भारत में हुआ है। वहीं, सुखोई एम 30 एमकेआई लड़ाकू विमान का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने रूस से मिले लाइसेंस के तहत किया है।
एयर शो में शामिल तेजस भारत में डिजाइन और विकसित किया गया लड़ाकू विमान है। वहीं, सुखोई-30 एमकेआई की मूल डिजाइन रूस की है लेकिन इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने भारत में किया है।
इसी तरह सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के हॉक्स ब्रिटिश डिजाइन पर आधारित हैं, मगर इनका निर्माण भी भारत में ही हुआ है। वायुसेना के बेड़े में शामिल राफेल और मिराज-2000 फ्रांस में विकसित विमान हैं। मिग-29 का मूल डिजाइन सोवियत संघ का है, जबकि जगुआर का निर्माण ब्रिटेन और फ्रांस के सहयोग से हुआ था।
परिवहन विमानों में अमेरिकी सी-130जे सुपर हरक्यूलिस और सी-17 ग्लोबमास्टर जैसे विमान अपनी क्षमता के लिए जाने जाते हैं। सी-295 का डिजाइन यूरोपीय कंपनी एयरबस का है। अपाचे और चिनूक हेलिकॉप्टर भी अमेरिकी मूल के हैं, जबकि एमआई-17 रूस का है।
सारंग के ध्रुव पूरी तरह स्वदेशी
एयर शो में स्वदेशी तकनीक का प्रमुख उदाहरण सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम है। यह टीम एचएएल के एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव के जरिये करतब दिखाती है। इसकी डिजाइन भी भारत में बनी हैं और इसका निर्माण भी यहीं हुआ है। प्रचंड लड़ाकू हेलिकाॅप्टर और रुद्र भी भारतीय तकनीक के उदाहरण हैं। वहीं, सूर्यकिरण टीम के हॉक्स का मूल डिजाइन ब्रिटेन का है, लेकिन निर्माण भारत में हुआ है।
एयरक्राफ्ट का विवरण
- विमान- देश
- एलसीए तेजस - भारत राफेल - फ्रांस
- सुखोई -30एमकेआई - रूस, एचएएल ने भारत में लाइसेंस के तहत बनाया
- मिग-29 - सोवियत संघ
- मिराज 2000 - फ्रांस
- जैगुआर - ब्रिटेन–फ्रांस, भारत में लाइसेंस के तहत बनाया गया
- सूर्यकिरण - ब्रिटिश हॉक डिजाइन पर आधारित हैं, लेकिन भारत में एचएएल ने लाइसेंस के तहत बनाया गया।
- सारंग - ध्रुव हेलिकॉप्टर, निर्माण भारत में हुआ है।
- प्रचंड - स्वदेशी लड़ाकू हेलिकॉप्टर
- रुद्र - भारत, स्वदेशी
- सी-295 - स्पेन
- सी-130जे सूपर हरक्यूलिस - अमेरिका
- सी-17 ग्लोबमास्टर थ्री - अमेरिका
- चिनूक - अमेरिका
- अपाचे - अमेरिका
- एमआई-17 - रूस
- एन-32 - यूक्रेन
- आईएल-78 - रूस