गांवों को गोद लेकर काम करें कृषि वैज्ञानिक, बढ़ेगा उत्पादन: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही
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बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान में पांचवें यूपी एग्रीकल्चरल साइंस कांग्रेस में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने पर वैज्ञानिकों ने मंथन किया। बतौर मुख्य अतिथि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कृषि वैज्ञानिक गांवों को गोद लेकर काम करें। ऐसा करने से किसानों को अच्छी खेती के बारे में जानकारी मिलेगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने वैज्ञानिकों और कृषि विश्वविद्यालय के शिक्षकों से लैब से लैंड तक काम करने का आह्वान किया।
शताब्दी सभागार में तीन दिवसीय कांग्रेस में उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग से किसानों को अच्छे बीज उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। वैज्ञानिकों का भी मत है कि अगर किसान अच्छा बीज पाएंगे तो उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत बढ़ जाएगा। बरसात की कमी को देखते हुए हमें ऐसे बीज तैयार करने होंगे जो कम पानी में अच्छी पैदावार दे सकें।
उन्होंने कहा कि बाजार में पहले डुप्लीकेट बीज मिलते थे, जिसे बाहर करा दिया गया। इसी का असर है कि तीन साल में राज्य का उत्पादन बढ़ा है। 13 लाख मीट्रिक टन खरीफ और इतना ही रवि की फसलों का उत्पादन बढ़ा है। यह शोध और खोज का ही परिणाम है। उन्होंने गोवंश को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में 1.86 करोड़ किसानों के खातों में 12 हजार करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। इसका लाभ किसानों को मिल रहा है।
छात्रों का कृषि शिक्षा की ओर बढ़ा झुकाव
विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने कहा कि कृषि शिक्षा को रोजगारपरक बनाया जा रहा है, यही कारण है कि अब छात्रों का झुकाव इस ओर बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. ब्रजेंद्र सिंह ने कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। डॉ. एके श्रीवास्तव ने खाद्य सुरक्षा को किसानों के लिए जरूरी बताया।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. आरसी अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को कृषि शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है। पूर्व महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ. मंगला राय ने कहा कि किसानों ने देश को खाद्यान में आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान दिया है। फिर भी कृषि शिक्षा एवं शोध पर सकल घरेलू उत्पादन का केवल 0.53 प्रतिशत खर्च होता है।
कृषि के प्रति दृष्टि बदल जाए तो आमदनी अपने आप बढ़ जाएगी। कार्यक्रम का संचालन प्रो. पीके सिंह, धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के निदेशक प्रो. रमेश चंद्र ने किया। यूपी कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता ने कहा कि अगर वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करनी है तो नीतिगत परिवर्तन लाना होगा। शोध को लैबोरेटरी से सीधे कृषि भूमि तक ले जाने की जरूरत है।
कृषि वैज्ञानिक किए गए सम्मानित
एग्रीकल्चरल साइंस कांग्रेस में कृषि मंत्री ने कृषि क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले कृषि वैज्ञानिकों को स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के न्यूज लेटर और कृषि शिक्षा पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। सम्मानित होने वालों में बीएचयू से डॉ. पीके सिंह, प्रो. रमेश चंद्र, अंतरराष्ट्रीय आलू संस्थान से वैज्ञानिक प्रो. यूएस सिंह, यूपी कृषि अनुसंधान परिषद से डॉ.आईएन मुखर्जी, डॉ. राजबीर सिंह राठौर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से उप महानिदेशक डॉ. आरसी अग्रवाल और डॉ.एके श्रीवास्तव को स्मृति चिन्ह, मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।