फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Agriculture scientist has been captured from Sonauli is Javed

कृषि वैज्ञानिक ही है सोनौली से पकड़ा गया जावेद

Sat, 31 Oct 2015 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 31 Oct 2015 02:27 AM IST
विज्ञापन
Agriculture scientist has been captured from Sonauli is Javed
सोनौली बॉर्डर पर पकड़े गए पाकि स्तानी नागरिक जावेद कमाल का किसी आतंकी संगठन से कोई रिश्ता नहीं है। न ही वह आईएसआई का एजेंट है। वह पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित कायदे आजम विश्वविद्यालय में वरिष्ठ वैज्ञानिक है।
विज्ञापन


खुफिया एजेंसियों की अब तक की जांच में यह जानकारी सामने आई है। जावेद के पास से बरामद पासपोर्ट में भी उसकी तुर्की यात्रा का उल्लेख है। एजेंसियों ने जांच के क्रम में तुर्की में 10-14 नवंबर, 2013 में ‘इंटरनेशनल प्लांट ब्रीडिंग कांग्रेस’ कांफ्रेंस कराने वाली संस्था से संपर्क  किया था।
विज्ञापन


जावेद ने बतौर वैज्ञानिक कांफ्रेंस में हिस्सा लिया था। कमेटी ने जावेद की जो फोटो जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई है वह फोटो पकड़े गए जावेद से मेल खा रही है। हालांकि कांफ्रेंस में वह दाढ़ी में नहीं था। सोनौली बार्डर पर पकड़े जाने के बाद वह नर्वस था। अफसरों के सवालों में उलझ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


23 अक्तूबर को नेपाल से भारत आते समय जावेद कमाल को एसएसबी ने सोनौली बार्डर से गिरफ्तार किया था। उसके पास भारत का वीजा नहीं था। उसने पूछताछ में बताया था कि वह वाराणसी में कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिशिर कुमार से मिलने जा रहा था। शिशिर से उसकी मुलाकात तुर्की में हुए ‘इंटरनेशनल प्लांट ब्रीडिंग कांग्रेस’ में हुई थी।

इसके बाद से उसके काशी कनेक्शन की पड़ताल शुरू हो गई। जांच में पता चला कि डा. शिशिर कुमार का कोई वैज्ञानिक वाराणसी में नहीं है। जावेद के पकड़े जाने के बाद से ही जांच एजेंसियां उसकी पहचान को लेकर सशंकित थी। एजेंसियों का कहना था कि वह खुद को वैज्ञानिक बता रहा है लेकिन उसे कृषि विज्ञान क्षेत्र में शुरूआती जानकारी भी नहीं है। एजेंसियों ने गुरुवार की सुबह ही उसे रिमांड पर ले लिया था।


दो दिनों तक पूछताछ में इस बात के  कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि वह किसी आतंकी संगठन का सदस्य है या फिर आईएसआई का एजेंट। तुर्की से भी उसकी पहचान की जा चुकी है। इस बारे में महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक भारत सिंह यादव का कहना है कि अब तक की जांच में जावेद के आतंकी या जासूस होने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। आगे की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed