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बीएचयू में कृषि विज्ञान कांग्रेस: प्रदर्शनी में आठ किस्म के हरी मिर्च ने खींचा ध्यान, वैज्ञानिकों ने कृषि योग्य मिट्टी पर की चर्चा
Mon, 15 Nov 2021 12:41 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 15 Nov 2021 12:41 AM IST
सार
स्वतंत्रता भवन में चल रहे कांग्रेस में दूसरे दिन 50 से ज्यादा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। डॉ. एनके त्यागी ने भारत में जल-ऊर्जा-भोजन-वातावरण सुरक्षा की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण किया।
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बीएचयू में कृषि विज्ञान कांग्रेस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आयोजित कृषि विज्ञान कांग्रेस में स्वतंत्रता भवन परिसर में ही खेती-किसानी के प्रति जागरूकता के लिए ही प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें किसानों को आठ किस्म के हरी मिर्च की खेती के बारे में भी बताया गया। इसमें काशी अनमोल, काशी गौरव, पूसा ज्वाला, काशी सिंदूरी आदि की प्रदर्शनी लगी है। इसके अलावा मधुमक्खी पालन, खीरा की खेती, परवल,कुम्हड़ा, तरबूज, बैगन के साथ ही चावल, गेहूं की खेती के बारे में भी अलग-अलग स्टॉलों पर जानकारी दी जा रही है।
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चार दिवसीय कृषि विज्ञान कांग्रेस के दूसरे दिन वक्ताओं ने कृषि शोध और विकास परिवर्तन से जुड़े बिंदुओं पर प्रमुखता से चर्चा की। कृषि वैज्ञानिक डॉ. मंगला राय ने कहा कि वर्तमान समय में देश में कृषि योग्य मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी है। इस वजह से फसलों के उपयोगी भाग में भी कमी आ रही है, इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और बीमारियां भी बढ़ रही हैं।
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स्वतंत्रता भवन में चल रहे कांग्रेस में दूसरे दिन 50 से ज्यादा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। डॉ. एनके त्यागी ने भारत में जल-ऊर्जा-भोजन-वातावरण सुरक्षा की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण किया। डॉ. कपिल मनिवार ने कुकुट उत्पादन, कृषि विज्ञान अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिंह ने जल-पोषक तत्व-टीलेज के अन्तर्निहित संबंधों की चर्चा की। कार्यक्रम में प्रो. रमेश सिंह, प्रो. राकेश सिंह, प्रो.पीके सिंह, प्रो.पीके शर्मा आदि मौजूद रहे।
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