Agnipath Protest: वाराणसी में क्षतिग्रस्त रोडवेज बसों को मरम्मत का इंतजार, चार दिनों में 52 लाख रुपये का नुकसान
वाराणसी में अग्निपथ योजना के खिलाफ हुए उग्र प्रदर्शन के कारण रोजवेज बसों का संचालन खासा प्रभावित हुआ था। इससे चार दिनों में 52 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मंगलवार से रोडवेज बस सेवाएं पटरी लौट गईं।
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चार दिनों में 52 लाख रुपयों के नुकसान के बाद वाराणसी में रोडवेज बस सेवाएं पटरी लौट गईं हैं। हालांकि क्षतिग्रस्त बसों का मरम्मत न होने पाने की वजह से 22 सिटी बस और 12 परिवहन निगम की बसें परिचालन में शामिल नहीं सकी। बीते 17 जून को अग्निपथ योजना के खिलाफ सेना की तैयारी करने वाले युवाओं ने जमकर उपद्रव किया था।
रोडवेज की कई बसों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। क्षेत्रीय प्रबंधक केके तिवारी ने बताया कि बीते चार दिनों तक बसों के संचालन के प्रभावित होने से चार दिनों में 52 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। इसमें क्षतिग्रस्त और जलाई गई बसें भी शामिल हैं। कांच न मिलने से बसों की मरम्मत में लंबा समय लग सकता है।
रोडवेज चेयरमैन ने किया निरीक्षण
बसों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद मंगलवार को परिवहन निगम के चेयरमैन आरके तिवारी बनारस पहुंचे। क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना की समीक्षा की। इसके अलावा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट प्रोजेक्ट) के तहत विकसित होने वाले कैंट बस डिपो को लेकर चर्चा की गई।
एक नजर में
- वाराणसी परिक्षेत्र के आठ डिपो का होता है संचालन
- कुल 12 मार्गों पर 503 बसों का होता है संचालन
- प्रतिदिन 50 हजार से अधिक यात्री करते हैं सफर
- रोजाना 10 लाख रुपये के टिकट की होती है बिक्री
- निगम की 12 और सिटी की 22 बसों में हुई थी तोड़फोड़ और आगजनी
30 लाख रुपये के टिकट रेलवे ने वापस किए
अग्निपथ के विरोध के चलते बेपटरी हुई रेल सेवा पटरी पर लौट आई है। इससे यात्रियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि सुरक्षा बलों की ओर से चौकसी बढ़ा दी गई है। ट्रेन निरस्त होने के कारण करीब 30 लाख रुपये के टिकट रिफंड किए गए हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक ज्यादातर ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। हालांकि अभी एहतियातन सुरक्षा बंदोबस्त तगड़े किए गए हैं। ट्रेन संख्या 12562 दिल्ली जयनगर एक्सप्रेस 21 जून को निरस्त है। पांचवें दिन कैंट स्टेशन पर टिकट के लिए लोगों की लंबी कतार देखने को मिली।
अग्निपथ प्रदर्शन को लेकर पुलिस की अलग-अलग टीमें दे रही दबिश
अग्निपथ के विरोध में कैंट स्टेशन सहित रोडवेज पर तोड़फोड़ आगजनी के मामले में प्रदर्शनकारियों को पुलिस चिह्नित कर रही है। कैंट, सिगरा, जैतपुरा में दर्ज मुकदमों में पुलिस की अलग-अलग टीमें प्रदर्शनकारियों के घरों और संबंधित जिलों के पुलिस से संपर्क कर रही हैं।
वहीं, प्रदर्शन को हवा देने के आरोप में काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष राहुल राज की गिरफ्तारी को लेकर कैंट पुलिस की दबिश लगातार जारी है। घौसाबाद और लक्षीपुरा स्थित पूर्व छात्र नेता के ठिकानों पर पुलिस ने मंगलवार को भी दबिश दी। उसके परिजनों और करीबियों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
उधर, कैंट स्टेशन पर भी लगे सीसीटीवी कैमरों से आरपीएफ और जीआरपी भी प्रदर्शनकारियों के बारे में जानकारियां जुटा रही है। वीडियो और सीसीटीवी फुटेज को आरपीएफ व जीआरपी खंगाल रही है। जैतपुरा, कैंट और सिगरा थाने की पुलिस ने कुल 27 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। सभी जिला जेल में बंद है। आरोपियों से पूछताछ में कई नाम और उजागर हुए, जो बवाल में शामिल थे। एडीसीपी वरुणा जोन प्रबल प्रताप सिंह के अनुसार उपद्रव मामले में वांछित राहुल राज की गिरफ्तारी को लेकर टीमें दबिश दे रही हैं।