डॉ. फिरोज खान के पद छोड़ने के बाद, एसवीडीवी के छात्रों ने लगाया हर-हर महादेव का जयघोष
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय, बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय (एसवीडीवी) में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति के 33वें दिन डॉ. फिरोज खान ने इस्तीफा दे दिया। कार्यवाहक संकाय प्रमुख प्रो. कौशलेंद्र पांडेय से फिरोज के इस्तीफे की लिखित कॉपी मिलने के बाद छात्रों ने खुशी जाहिर करते हुए हर हर महादेव के जयघोष के साथ जुलूस निकाला और धरना भी समाप्त कर दिया।
इस दौरान भजनों के माध्यम से भगवान का गुणगान किया। छात्रों ने कहा कि डॉ. फिरोज की एसवीडीवी में नियुक्ति नियमानुसार गलत हुई थी। इसीलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी मांगें माननी पड़ीं। वह दूसरे संकाय में जाकर पढ़ाएं, इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। बाद में छात्रों ने परिसर में विजय जुलूस निकाला और उन्होंने इसे संघर्ष की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि जहां भी महामना के आदर्शों के विपरीत काम होगा, उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। बताते चलें कि एसवीडीवी के साहित्य विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए फिरोज ने पांच नवंबर को साक्षात्कार दिया था। छह को परिणाम आया और सात नवंबर को उनकी नियुक्ति के विरोध में छात्र धरने पर बैठ गए।
नियुक्ति को महामना के आदर्शों के विपरीत बताते हुए छात्र डॉ. फिरोज के इस्तीफे पर अड़ गए। इस बीच 29 नवंबर को फिरोज ने आयुर्वेद संकाय के संहिता एवं संस्कृत विभाग और चार दिसंबर को कला संकाय के संस्कृत विभाग में साक्षात्कार दिया और दोनों जगहों पर सफल रहे।
अब फैसला फिरोज पर था कि वह एसवीडीवी में ही रहते या फिर कला या आयुर्वेद संकाय में से किसी एक को चुनते। छात्रों का विरोध बढ़ता देख फिरोज ने नौ दिसंबर को एसवीडीवी से इस्तीफा देते हुए देर शाम संस्कृत विभाग में जाने का निर्णय लिया। मंगलवार को इस्तीफे की जानकारी मिलने के बाद छात्रों ने 33 दिन से चल रहे धरना समाप्त कर दिया।
मंगलवार को कला संकाय के संस्कृत विभाग में ज्वाइन करने के बाद डॉ. फिरोज करीब दस बजे विभाग पहुंचे। डॉ. फिरोज अब सेमेस्टर परीक्षा खत्म होने के बाद ही कला संकाय के संस्कृत विभाग में कक्षाएं लेंगे और संकाय में 21 दिसंबर तक परीक्षाएं चलेंगी। 23 दिसंबर को बीएचयू का दीक्षांत समारोह होना है। माना जा रहा है कि इसके बाद ही कक्षाएं शुरू होंगी। विभागीय सूत्राें के अनुसार, इससे पहले वह सेमेस्टर परीक्षा में ड्यूटी कर सकते हैं।