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41 वर्ष बाद काशी के हॉकी खिलाड़ी को मिला अर्जुन अवार्ड
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ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता हॉकी टीम के सदस्य काशी के ललित उपाध्याय को शनिवार को राष्ट्रपति भवन में अर्जुन अवार्ड दिया गया। अर्जुन अवार्ड लेने के बाद ललित ने फोन पर बताया कि यह सब बाबा विश्वनाथ की कृपा से हुआ है। मैं जब भी निराश होता था, तब उनका दर्शन करता था। उसके बाद मुझमें नई ऊर्जा का संचार होता था। बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से मैंने विश्व कप, ओलंपिक व एशियाड में अच्छा प्रदर्शन किया।
ललित बनारस के दूसरे हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्हें अर्जुन अवार्ड दिया गया है। 41 साल पहले हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद को अर्जुन अवार्ड दिया गया था। ललित ने बताया कि सरकार जिस तरह से खेलों पर ध्यान दे रही है। उसको देखकर यही कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में भारतीय हर खेल में सर्वोत्तम प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने अपने माता-पिता और कोच परमानंद मिश्रा का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, सबने हर उस कदम पर मेरा साथ दिया, जब मुझे उनके मार्गदर्शन की बहुत जरूरत थी।
युवा खिलाड़ियों के लिए उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। जब आप मैदान में अपना खून पसीना बहाऐंगे तभी आप का खेल चमकेगा। अपने मन में छोटी सी जगह से आने का दबाव कभी महसूस न करें। बनारस के लोगों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि काशी की जनता ने जिस तरह से मुझे प्यार और सम्मान दिया है, मैं उसे जीवन भर याद रखुंगा।
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ललित बनारस के दूसरे हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्हें अर्जुन अवार्ड दिया गया है। 41 साल पहले हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद को अर्जुन अवार्ड दिया गया था। ललित ने बताया कि सरकार जिस तरह से खेलों पर ध्यान दे रही है। उसको देखकर यही कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में भारतीय हर खेल में सर्वोत्तम प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने अपने माता-पिता और कोच परमानंद मिश्रा का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, सबने हर उस कदम पर मेरा साथ दिया, जब मुझे उनके मार्गदर्शन की बहुत जरूरत थी।
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युवा खिलाड़ियों के लिए उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। जब आप मैदान में अपना खून पसीना बहाऐंगे तभी आप का खेल चमकेगा। अपने मन में छोटी सी जगह से आने का दबाव कभी महसूस न करें। बनारस के लोगों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि काशी की जनता ने जिस तरह से मुझे प्यार और सम्मान दिया है, मैं उसे जीवन भर याद रखुंगा।
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