अभयनाथ यादव का निधन: न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, अब कौन करेगा मुस्लिम पक्ष की ओर से जवाबी बहस
ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता अभयनाथ यादव का रविवार रात निधन हो गया। उन्होंने मकबूल आलम रोड स्थित एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
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ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता अभयनाथ यादव (65) का रविवार रात निधन हो गया। दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अभयनाथ के निधन की सूचना से कचहरी में शोक की लहर है। दी बनारस बार एसोसिएशन और दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शोक जताया है। अभयनाथ यादव का अंतिम संस्कार सोमवार सुबह मणिकर्णिका घाट पर हुआ।
सोमवार को तमाम अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। दोपहर डेढ़ बजे सेंट्रल बार सभागार में सेंट्रल व बनारस बार एसोसिएशन की ओर आयोजित शोक सभा में अभयनाथ यादव के व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि पेशे के प्रति ईमानदार व समर्पित रहे।
वकीलों ने उनके चित्र पर पुष्प व माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। बार काउंसिल सदस्य हरिशंकर सिंह ने कहा कि मुस्लिम समाज ने उनपर विश्वास कर ज्ञानवापी मामले में वकील रखा। ये उनकी विश्वसनीयता और निर्भीकता को साबित करता है। शोक सभा में यूपी बार कौंसिल सदस्य हरिशंकर सिंह, सेंट्रल व बनारस बार अध्यक्ष मोहन यादव व धीरेंद्र नाथ शर्मा, रत्नेश्वर पांडेय, सुरेश श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, अनुज यादव, अरुण पांडेय, मुमताज, रामप्रवेश सिंह, मुरलीधर सिंह, अमित मालवीय, घनश्याम सिंह, संजय दाढ़ी, अवधेश सिंह, रंजन मिश्र, प्रभुनरायण पांडेय, मीरा यादव, दुर्गा प्रसाद, शशिकांत दूबे समेत काफी संख्या में वकील मौजूद रहे।
ज्ञानवापी मामले में चार अगस्त को सुनवाई
ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजमिया मसाजिद कमेटी के एक मात्र हिंदू वकील अभयनाथ यादव ही थे। अभी तक ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में सर्वे से लेकर पोषणीयता के बिंदु पर वही पक्ष रख रहे। चार अगस्त को जिला जज की कोर्ट में पोषणीयता बिंदु पर जवाबी बहस होनी है।
ऐसे में अब सवाल है कि कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से जवाबी बहस कौन अधिवक्ता करेगा। अभयनाथ यादव वर्तमान में भी विभिन्न अदालतों में मूलवाद, श्रृंगार गौरी सहित करीब छह मामलों में पैरवी कर रहे थे। राखी सिंह समेत अन्य की याचिका पर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में चल रही सुनवाई में अभयनाथ मुस्लिम पक्ष के वकील थे।
शुरुआत से ही उन्होंने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का पक्ष बड़ी प्रमुखता से रखा। वे मुस्लिम पक्ष से अदालत में अकेले दलीलें पेश करते रहे। उनकी कई दलीलें चर्चा में भी रहीं। ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान अभय नाथ यादव ने कोर्ट कमिश्नर की भूमिका पर सवाल खड़ा करने के साथ ही तहखाने का वीडियो वायरल होने पर भी आपत्ति जताते हुए कोर्ट से जांच की मांग की थी।
जून में हुई थी बेटी की शादी
अभयनाथ यादव पिछले 35 वर्षों से वकालत कर रहे थे। इसी वर्ष 22 जून को अपनी बेटी की शादी की थी। रविवार दिन में वो अपने साथी अधिवक्ताओं से मिले थे। रविवार रात हार्ट अटैक आने पर परिजन उन्हें मकबूल आलम रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए, यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पांडेयपुर नई बस्ती निवासी दिवंगत अधिवक्ता अभयनाथ यादव के शोक संतप्त परिवार में पत्नी, दो पुत्र और तीन बेटियां हैं। सोमवार सुबह से उनके घर पर शोक जताने के लोगों का तांता लगा हुआ है।