गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट, डीएम ने किया दौरा, बाढ़ से प्रभावित लोग करें इन नंबर पर कॉल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रशासन फोन नंबर आपातकाल स्थिति के लिए फोन नंबर जारी किए हैं। बाढ़ से प्रभावित लोग इन नंबर फोन कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने वाराणसी की सभी तहसील के तहसीलदार और उपजिलाधिकारी के नंबर जारी किए। जिससे में बाढ़ प्रभावित लोगों के यहां राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन की टीम पहुंच जाएगी।
वाराणसी जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने सोमवार को बाढ़ से प्रभावित होने वाले कोनिया क्षेत्र का दौरा किया। बाढ़ का पानी आबादी वाले क्षेत्रों में घुसना शुरु हो गया है। उन्होंने मौके पर उपस्थित क्षेत्र प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि अभी से बाढ़ प्रभावितों को राहत कैंपों में सुरक्षित पहुंचाने के लिए नाव सहित राहत सामग्री की व्यवस्था करा लें। साथ ही उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट, सीओ कोतवाली और क्षेत्रीय सभासद, जनप्रतिनिधियों से कहा कि आपस में समन्वय स्थापित करते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं।
कोनिया घाट पर जाकर पानी में डूबे हुए मकानों को खाली करा कर बाढ़ राहत कैंपों में ले जाने के निर्देश दिए। साथ ही मौके पर एनडीआरएफ की टीम से बाढ़ से प्रभावित लोगों की जानकारी ली और राहत कार्यों के बारे में पूछा और अलर्ट रहने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय कोनिया पंचायत भवन आदमपुर जोन, में चल रहे स्कूल का निरीक्षण किया और नगर निगम से एक स्थायी शौचालय, सांसद निधि से एक शौचालय निर्माण कराने के साथ ही पेयजल हेतु पानी टैंकर लगाने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने भ्रमण के दौरान कोनिया सीवेज पम्पिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और प्लांट के बंद होने का कारण पूछा तो बताया गया कि बाढ़ का जल स्तर बढ़ने के कारण बंद है। गंगा प्रदूषण यांत्रिक के जेई जान आलम से मौके पर कार्य की जानकारी ली। तीन कर्मचारी सुरेश सिंह(रनर), गोपेश कुमार व राजनाथ चौकीदार मौके पर मौजूद नहीं थे।
कोनिया सीवेज पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया और गंगा प्रदूषण यांत्रिक के जेई जान आलम से मौके पर कार्य की जानकारी ली साथ ही मौके पर उपस्थित कर्मचारियों से पूछताछ की।