युवती की मौत के बाद हरकत में प्रशासन: वाराणसी में चार मंजिला अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर और हथौड़ा
वाराणसी के गोदौलिया बांसफाटक रोड पर बड़ादेव स्थित चार मंजिला अवैध निर्माण को बुलडोजर और हथौड़े से ध्वस्त कराया जा रहा है। इसके मद्देनजर गोदौलिया से काशी विश्वनाथ मंदिर तक के रास्ते को बंद रखा गया।
विस्तार
वाराणसी के गोदौलिया के बड़ादेव में अवैध तरीके से बनी चार मंजिला बिल्डिंग को बुधवार को जमींदोज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। वीडीए, नगर निगम और पुलिस की मौजूदगी में सुबह सवा 11 बजे से शाम पांच बजे तक बुलडोजर गरजा। हालांकि संकरी गली में हुए अवैध निर्माण को तोड़ने में बुलडोजर चलाने में दिक्कत हो रही थी। यही कारण है कि सुबह से ही मजदूरों को भी लगाकर ध्वस्तीकरण कराया गया। बृहस्पतिवार को भी भवन को ढहाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान सात घंटे तक गोदौलिया-बांसफाटक मार्ग बंद रहा। आसपास की दर्जनों दुकानें भी पूरे दिन नहीं खुली। आठ सितंबर को निर्माणाधीन बिल्डिंग से गिरी ईंट से युवती की मौत हो गई थी। विकास प्राधिकरण के सचिव डॉ. सुनील वर्मा की निगरानी में वीडीए की टीम सुबह सवा 11 बजे गौदोलिया के बड़ादेव पहुंची और बिल्डिंग जमींदोज करने की कार्रवाई शुरू की।
वीडीए के कर्मचारी मजदूरों संग सबसे पहले बिल्डिंग के सबसे ऊपरी मंजिल पर पहुंचे और हथौड़ा से तोड़ना शुरू किया। इसके बाद दोपहर एक बजे के बाद पहुंचे बुलडोजर से भूतल की दीवारों को तोड़ा गया। इसके पूर्व एसीपी दशाश्वमेध अवधेश पांडेय ने लक्सा, दशाश्वमेध थाने की फोर्स व पीएसी लेकर बांसफाटक और गोदौलिया की ओर बैरिकेडिंग कराया।
इस बीच कोदई चौकी को जोड़ने वाले मार्ग सोनार गली को भी बंद किया गया। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को जाने वाले मार्ग गोदौलिया-बांसफाटक मार्ग को शाम पांच बजे के बाद खोला गया। नवनियुक्त वीडीए वीसी अभिषेक गोयल ने ध्वस्तीकरण मामले में संयुक्त सचिव परमानंद यादव से पूरी रिपोर्ट ली।
ये है पूरा मामला
दशाश्वमेध थाना अंतर्गत बड़ादेव में गोकुल पांडेय ने बगैर नक्शा पास कराए ही चार मंजिला भवन का अवैध निर्माण कराया है। निर्माण के दौरान ही आठ सितंबर को भवन से ईंट गिरने से रामनगर औद्योगिक क्षेत्र निवासी मुस्कान (21) की मौत हो गई थी। पिता जयदेव घोष सहित अन्य परिजनों संग मुस्कान श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर से दर्शन कर पैदल ही गोदौलिया की ओर लौट रही थी। इस दौरान मौके पर जुटे लोगों ने वीडीए पर अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा और नारेबाजी की थी। इस मामले में तत्कालीन वीडीए वीसी ईशा दुहन ने भवन को जमींदोज करने का आदेश दिया था।
अप्रैल में सील, जुलाई में ध्वस्तीकरण का हुआ था आदेश
बड़ादेव में करीब एक हजार वर्गफीट में हुए अवैध निर्माण को 27 अप्रैल 2022 को सील करने का नोटिस जारी किया गया था। इसमें अवैध निर्माण करने वाले ने न तो शमन मानचित्र जमा किया और न ही अपने निर्माण को रोका। इसके बाद पांच जुलाई 2022 ध्वस्तीकरण का आदेश वीडीए की ओर से जारी किया गया था। इस बीच 40 दिन बीत जाने के बाद भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं हुई और ईंट गिरने से युवती की मौत हो गई। इसके बाद वीडीए इस मामले में संजीदा हुआ और निर्माण ढहाने की प्रक्रिया शुरू कराई।
वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव डा. सुनील वर्मा ने कहा कि अवैध निर्माण को पूरी तरह जमींदोज करने के लिए बृहस्पतिवार को भी अभियान जारी रहेगा। सुबह जेसीबी मंगाई गई, मगर संकरी गली होने के कारण इसका संचालन पूरी क्षमता से नहीं हो पाया। अवैध निर्माण करने वाले से ही ध्वस्तीकरण का खर्च भी वसूला जाएगा। भवन को पूरी तरह से जमींदोज किया जाएगा। -
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