वाराणसी: आंदोलन की तपिश भांपने एडीजी जोन पहुंचे किसानों के बीच, पशु तस्करी के लिए कुख्यात रहे थाने का जाना हाल
आप सभी शांति और कानून व्यवस्था को बरकरार रखने में पुलिस का सहयोग करें। यदि किसी को किसी विषय को लेकर कुछ कहना या समझना है तो वह नि:संकोच पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से बात करें। यह बातें सोमवार को एडीजी जोन बृज भूषण ने वाराणसी जिले के मिर्जामुराद थाने में क्षेत्र के चुनिंदा किसानों और संभ्रांत लोगों से कहीं।
कृषि सुधार कानूनों के विरोध में आंदोलित किसानों की मन की बात भांपने के लिए प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों का नोडल अफसर बना कर रिपोर्ट तलब की है। इसी क्रम में जिले के नोडल अफसर एडीजी जोन बृज भूषण ने मिर्जामुराद थाने में किसानों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। सिंचाई और खाद आदि की उपलब्धता के बारे में बात करने के साथ ही नीलगाय से फसलों को होने वाले नुकसान के बारे में जाना...
राजस्व विभाग को लेकर क्या शिकायत है और कृषि संबंधी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में पूछा। किसानों से अप्रत्यक्ष तरीके से यह भी जानने की कोशिश की कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर उनका क्या रुख है। इस दौरान एसएसपी अमित पाठक, सीओ बड़ागांव नीतेश प्रताप सिंह और किसान अशोक सिंह, रामसखा त्रिपाठी, धर्मेंद्र सिंह, सुरेश राठौर आदि मौजूद रहे। किसानों से बातचीत के बाद एडीजी जोन ने थाने के महिला हेल्प डेस्क और साफ-सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
पशु तस्करी के लिए कुख्यात रहे थाने का अब क्या हाल है
एडीजी जोन ने क्षेत्रीय लोगों से कहा कि मिर्जामुराद थाना पशु तस्करी के लिए कुख्यात रहा है, अब क्या हाल है। इस पर लोगों ने कहा कि अब वैसी बात तो नहीं है। यह जरूर है कि सड़क दुर्घटना बढ़ी है। इस पर एसएसपी ने थाना प्रभारी सुनीलदत्त दूबे को कहा कि नेशनल हाईवे अब एक्सप्रेस-वे हो गया है। वाहनों का ठहराव हाईवे पर नही होना चाहिए। वाहन ढाबा या पेट्रोल पंप पर ही रुकें। लोगों ने हाईवे में कट प्वाइंट बनाने की मांग की। इस पर एसएसपी ने समझाया कि हाईवे पर कट प्वाइंट नहीं बनाया जाता है। इससे सड़क दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है...
कप्तान गए शौचालय का जायजा लेने, बंद हुआ दरवाजा तो मचा हड़कंप
मिर्जामुराद थाना परिसर में बनाए गए नए शौचालय का एसएसपी जायजा लेने गए। इसी बीच यूरिनल में लगा दरवाजा ऐसा बंद हुआ कि वह खुला ही नहीं। कप्तान के अंदर से खटखटाने पर पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आननफानन एक दरोगा ने पैर मार कर दरवाजा खोला तो कप्तान बाहर निकले। अधिकारियों के जाने के बाद थाने के पुलिसकर्मी दरवाजे को खोल-बंद कर काफी देर तक यह समझने में लगे रहे कि आखिर क्या दिक्कत आ गई थी।