वाराणसी : बिना वजह रेमडेसिविर लिखने वालों पर होगी कार्रवाई, शुभम और पॉपुलर हॉस्पिटल को भेजा गया नोटिस
डीएम बोले, व्यवस्था बनाने में समय लगा, मगर अब हालात काबू में, शहर में कुल 43 अस्पताल जिनमें 1900 बेड हैं
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वाराणसी में कोरोना संक्रमित मरीजों के बीच बढ़ी रेमडेसिविर इंजेक्शन पर जिला प्रशासन सख्त रूख अख्तियार किया है। सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि बिना जांच के डॉक्टर इसे न लिखें। गंभीर मामलों को छोड़कर कोई भी इसे लिखता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। बेवजह इंजेक्शन लिखने के मामले में शुभम और पापुलर अस्पताल को नोटिस भेजा गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि बीएचयू स्थित लैब में आरएनए स्पेक्ट्रम मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। इस मशीन की सहायता से अब कोविड टेस्ट रिपोर्ट दो दिनों के अंदर आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासन दूसरे प्रदेशों से ऑक्सीजन की आपूर्ति करा रहा है। किसी भी मरीज को दिक्कत न हो इनके लिए लगातार मानिटरिंग की जा रही है। अस्पताल में मौजूद मरीजों के अलावा 1000 मरीज घरों पर आइसोलेशन में हैं, उन्हें भी ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत है। बेड के लिए लोगों की शिकायत पर डीएम ने बताया कि शहर में कुल 43 अस्पताल हैं, जिनमें 1900 बेड हैं। बेड तो हैं पर ऑक्सीजन की किल्लत की वजह से ऐसी समस्याएं आ रही हैं, जिसे जल्द ही दूर किया जाएगा।
शवों के लिए की गई व्यवस्था
प्रशासन ने कोविड से होने वाली मौतों को देखते हुए नगर निगम और यातायात पुलिस विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है, जिनके माध्यम से शवों को अस्पतालों और घरों से ले जाने के साथ ही श्मशान घाट तक पहुंचने की व्यवस्था कराई गई है। साथ ही ज्यादा आबादी वाले इलाकों से हटकर अलग से शवों के दाह संस्कार की व्यवस्था कराई गई है।
दीनदयाल अस्पताल में जल्द लगेगा ऑक्सीजन प्लांट
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि शहर के एक व्यापारी ने महामारी में हो रही ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए प्रशासन का सहयोग किया है। इसके लिए उन्होंने एक करोड़ रुपये की सहायता दी है। पांडेयपुर स्थित दीनदयाल अस्पताल में इस प्लांट को लगाया जाएगा, जो 10 दिनों में शुरू कराए जाने का लक्ष्य है। साथ ही कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है, जिसकी स्वीकृति मिलते ही शुरू कर दिया जाएगा।