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सेंट्रल जेल की गोशाला बनेगी मॉडल
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वाराणसी। सेंट्रल जेल में 77 गाय-बछड़े हैं, इनमें से 25 से ज्यादा गाय रोजाना 200 लीटर से ज्यादा दूध देती हैं। गायों को चारा खिलाने कर दौरान यह जानकारी मिलने पर सोमवार की सुबह अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक से कारागार की गोशाला को मॉडल गोशाला के तौर पर विकसित करने के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि सेंट्रल जेल के बीमार कैदियों के लिए जल्द ही दो नई एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी, इसके लिए भी जल्द प्रस्ताव भेजें।
अपर मुख्य सचिव गृह सुबह सात बजे सेंट्रल जेल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्हें अचानक सामने देखते ही जेल कर्मियों में हड़कंप मच गया। अपर मुख्य सचिव गृह ने कैदियों की बैरकों, मेस, अस्पताल और पीने के पानी की व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद उनकी समस्याएं सुनीं। उन्हें पता लगा कि कैंसर के सात मरीज और 70 साल से ज्यादा उम्र के कैदियों की संख्या जेल में ज्यादा है तो उन्होंने खराब पड़ी दो एंबुलेंस की जगह दो नई एंबुलेंस की व्यवस्था कराने की बात कही। साथ ही उन्होंने फर्नीचर बनाने सहित हस्तशिल्प के अन्य काम से जुड़े और सब्जी उगाने के काम में लगे कैदियों को लगातार प्रोत्साहित करने व उनके पारिश्रमिक के भुगतान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न करने का निर्देश दिया।
इसके बाद अपर मुख्य सचिव गृह ने जेल परिसर और उसके इर्दगिर्द बन रहे सरकारी आवासों व बैरकों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, एसएसपी अमित पाठक, सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक एके सिंह के अलावा पुलिस, प्रशासन और केंद्रीय कारागार प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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अपर मुख्य सचिव गृह सुबह सात बजे सेंट्रल जेल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्हें अचानक सामने देखते ही जेल कर्मियों में हड़कंप मच गया। अपर मुख्य सचिव गृह ने कैदियों की बैरकों, मेस, अस्पताल और पीने के पानी की व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद उनकी समस्याएं सुनीं। उन्हें पता लगा कि कैंसर के सात मरीज और 70 साल से ज्यादा उम्र के कैदियों की संख्या जेल में ज्यादा है तो उन्होंने खराब पड़ी दो एंबुलेंस की जगह दो नई एंबुलेंस की व्यवस्था कराने की बात कही। साथ ही उन्होंने फर्नीचर बनाने सहित हस्तशिल्प के अन्य काम से जुड़े और सब्जी उगाने के काम में लगे कैदियों को लगातार प्रोत्साहित करने व उनके पारिश्रमिक के भुगतान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न करने का निर्देश दिया।
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इसके बाद अपर मुख्य सचिव गृह ने जेल परिसर और उसके इर्दगिर्द बन रहे सरकारी आवासों व बैरकों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, एसएसपी अमित पाठक, सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक एके सिंह के अलावा पुलिस, प्रशासन और केंद्रीय कारागार प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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