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कोराना में ठंडा पड़ा एसी, कूलर का कारोबार
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दो साल में यह दूसरी बार है कि इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों का कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ सका। वैवाहिक लग्न और गर्मी का यह सीजन कारोबारी घरों में बैठकर गुजार रहे हैं। आंशिक लाकडाउन के चलते दुकान मई से ही बंद हैं तो कारोबारियों का कारोबार भी ठंडा पड़ गया है। एसी, कूलर, फ्रिज, पंखा, वाटर कूलर, टीवी, वाशिंग मशीन आदि की बिक्री 30 अप्रैल से ही जिले में बंद है।
इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों के अनुसार, 200 करोड़ से अधिक का ही नुकसान हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि पिछले साल अप्रैल-मई में लॉकडाउन था, जिस कारण कारोबार ठप रहा। इस बार भी लाकडाउन ने सब तहस नहस कर दिया। कंपनियों की ओर से करोड़ों रुपये का माल कारोबारियों के गोदामों में पड़ा है। संरक्षक सुबोध अग्रवाल ने बताया कि इस साल शादी लग्न अधिक होने के चलते आस थी कि पिछले साल की भरपाई हो सकेगी। लेकिन ऐसी विभिषिका आई कि सब अरमानों पर पानी फेर दिया। ऑर्डर पर मंगाए माल से पूंजी फंस गई है।
होम डिलिवरी करने की मिले अनुमति
इलेक्ट्रॉनिक्स डीलर एसोसिएशन के महामंत्री राजेश सोनी ने बताया कि जिले में छोटी-बड़ी लगभग 500 इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानें है। गर्मी के सीजन में हर किसी के यहां से लगभग दो से तीन लाख रुपये का रोजाना का कारोबार होता है। अप्रैल व मई ही बिक्री का समय होता है, लेकिन इस बार दुकानें मई में खुलने की उम्मीद भी नहीं है। लगभग शहर भर में मिलाकर 200 करोड़ से अधिक का ही कारोबार प्रभावित है। उपाध्यक्ष श्याम सुंदर प्रसाद ने बताया कि ई-कामर्स कंपनियों को माल बेचने की छूट है लेकिन हम डीलरों को छूट नहीं दी गई है। हमारी मांग है कि ग्राहकों के आर्डर पर होम डिलिवरी करने की अनुमति प्रदान करें। क्योंकि माल नहीं बिकेगा तो स्थिति बहुत दयनीय हो जाएगी।
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इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों के अनुसार, 200 करोड़ से अधिक का ही नुकसान हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि पिछले साल अप्रैल-मई में लॉकडाउन था, जिस कारण कारोबार ठप रहा। इस बार भी लाकडाउन ने सब तहस नहस कर दिया। कंपनियों की ओर से करोड़ों रुपये का माल कारोबारियों के गोदामों में पड़ा है। संरक्षक सुबोध अग्रवाल ने बताया कि इस साल शादी लग्न अधिक होने के चलते आस थी कि पिछले साल की भरपाई हो सकेगी। लेकिन ऐसी विभिषिका आई कि सब अरमानों पर पानी फेर दिया। ऑर्डर पर मंगाए माल से पूंजी फंस गई है।
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होम डिलिवरी करने की मिले अनुमति
इलेक्ट्रॉनिक्स डीलर एसोसिएशन के महामंत्री राजेश सोनी ने बताया कि जिले में छोटी-बड़ी लगभग 500 इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानें है। गर्मी के सीजन में हर किसी के यहां से लगभग दो से तीन लाख रुपये का रोजाना का कारोबार होता है। अप्रैल व मई ही बिक्री का समय होता है, लेकिन इस बार दुकानें मई में खुलने की उम्मीद भी नहीं है। लगभग शहर भर में मिलाकर 200 करोड़ से अधिक का ही कारोबार प्रभावित है। उपाध्यक्ष श्याम सुंदर प्रसाद ने बताया कि ई-कामर्स कंपनियों को माल बेचने की छूट है लेकिन हम डीलरों को छूट नहीं दी गई है। हमारी मांग है कि ग्राहकों के आर्डर पर होम डिलिवरी करने की अनुमति प्रदान करें। क्योंकि माल नहीं बिकेगा तो स्थिति बहुत दयनीय हो जाएगी।
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