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बच्चों के स्कूल नहीं आने पर एबीएसए और शिक्षकों के फूले हाथ-पांव, अभिभावकों को मनाने घर-घर भटके

Thu, 05 Sep 2019 07:56 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 05 Sep 2019 07:56 PM IST
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Absa meet parents to convince for there children sent to school in siyur mirzapur salt roti case
महिला से बात करते एबीएसए। - फोटो : अमर उजाला

मिर्जापुर स्कूल के सियुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को 95 बच्चों में सिर्फ एक छात्र पढ़ने आया था। ऐसी स्थिति को देख स्कूल के शिक्षकों ने इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दी। एबीएसए प्रदीप सिंह के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षक विद्यालय पहुंच गए।

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इसके बाद एबीएसए के साथ शिक्षक बच्चों के गर पहुंचे और अभिभावकों से स्कूल भेजने के लिए कहा। इस दौरान अभिभावकों ने जवाब दिया कि पत्रकार और प्रधान पर लगे मुकदमे वापस लिए जाएं। इसके बाद बच्चे स्कूल जाएंगे। इसे सुनकर एबीएसए और शिक्षकों के हाथ-पांव फूल गए।
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एबीएसए ने गुरुवार की दोपहर दो बजे सियुर विद्यालय पर पहुंच कर विद्यालय के कक्षाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने विद्यालय में संबद्ध किए गए शिक्षकों से बच्चों के स्कूल नहीं आने की जानकारी लेनी चाही, जिस पर कोई जवाब नहीं दे सके। एबीएसए प्रदीप सिंह शिक्षकों को अपने साथ लेकर अभिभावकों के घर पहुंचे।

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इस दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की, जिसमे अधिकांश अभिभावकों ने कहा कि जब तक प्रधान प्रतिनिधि और पत्रकार के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमा वापस नहीं लिए जाएंगे, तब तक बच्चे स्कूल पढ़ने नहीं आएंगे। इस दौरान एबीएसए प्रदीप सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि बच्चों को स्कूल में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। शिक्षक समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं। एमडीएम भी मेन्यु के अनुसार बनाया जा रहा है लेकिन अभिभावक नहीं माने।



इस दौरान कुछ अभिभावकों ने बताया कि बच्चे की तबियत ठीक नहीं है तो कुछ ने बताया कि बच्चे बाहर किसी काम से गए हुए हैं। अभिभावकों के गुपचुप आंदोलन से हालात एक बार फिर से जटिल हो गए हैं।

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