बनारस में सीख सकेंगे आकर्षक डिजाइन के आभूषण बनाना
यह परियोजना वाराणसी से सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्किल इंडिया मिशन का हिस्सा है। इसके तहत प्रधानमंत्री मोदी भारतीय हैंडमेड ज्वेलरी सेक्शन को पूरी तरह से बदल देना चाहते हैं।
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ जेम्स एंड ज्वेलरी की यह अपनी तरह की पहली शाखा होगी। इसके जरिये उत्तर भारत से आभूषणों और रत्नों का विदेशों में निर्यात किया जाएगा ।
गौरतलब है कि वाराणसी के अलावा आजमगढ़, मिर्जापुर, मऊ आदि जिले बनारसी साड़ियों और गुलाबी मीनाकारी के लिए मशहूर हैं। हीरों की तराशी में बनारस का पुराना इतिहास रहा है।
पन्ना और गोलकुंडा से निकले हीरों की तराशी बनारस के कारीगर किया करते थे। वाराणसी में आभूषणों का बड़ा कारोबार होता है।