फर्जीबाड़ों से प्रशासन सतर्क, कस्तूरबा विद्यालयों की शिक्षिकाओं के आधार का भी होगा सत्यापन
अनामिका और प्रीति अभिलेखों पर फर्जी ढंग से दूसरी महिलाओं के शिक्षक की नौकरी करने का पर्दाफाश होने के बाद अब शासन ने कस्तूरबा विद्यालयों के सभी शिक्षक-कर्मचारियों के सत्यापन का निर्देश दिया है। इन विद्यालयों में तैनात शिक्षिका, वार्डन और अन्य कर्मचारियों के आधार कार्ड का भी सत्यापन किया जाएगा।
राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद की ओर से जारी निर्देश मिलते ही जौनपुर जिले में प्रशासन ने अमल शुरू कर दिया गया है। 26 जून तक आधार कार्ड सत्यापन का कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। आधार कार्ड का सत्यापन संबधित शिक्षक और कर्मचारी को खुद बीएसए के समक्ष अपने मोबाइल पर ऑनलाइन करना होगा।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्जी नियुक्तियों का खुलासा होने के बाद सभी शिक्षक और कर्मचारियों के शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्रों को जांच के लिए जमा करा लिया गया है। शुक्रवार को राज्य परियोजना निदेशक की ओर से प्रदेश के सभी जौनपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सभी शिक्षिका और कर्मचारियों के आधार बीएसए की निगरानी में जांचे जाएंगे।
इसके लिए सभी शिक्षक और कर्मचारियों को बीएसए कार्यालय बुलाने के लिए रोस्टर तैयार किया जा रहा है। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि निर्देशों के अनुसार संबंधित शिक्षिका को अपने मोबाइल फोन पर आनलाइन आधार कार्ड का सत्यापन करना होगा। इसके लिए पहले ई-आधार वेबसाइट पर जाकर जरूरी प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
सारी प्रक्रिया पूरी हो के बाद ई-आधार की पीडीएफ डाउनलोड करना होगा। माना जा रही है कि जांच की यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक ही आधार पर एक से अधिक लोगों को नौकरी करने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान सोशल डिस्टेंसिग का पालन और सैनिटइजेशन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।