Aachar Sanhita in UP: वाराणसी में विकास कार्यों पर लगा ब्रेक, रोपवे समेत कई प्रोजेक्ट पर मार्च तक रोक, सिक्सलेन पकड़ेगी रफ्तार
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए लागू हुई आदर्श आचार संहिता ने वाराणसी में कई विकास कार्यों पर ब्रेक लगा दिया है। इसमें रोपवे और एकीकृत मंडलीय कार्यालय परियोजना महत्वपूर्ण है।
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आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद वाराणसी में प्रस्तावित विकास कार्य पर ब्रेक लग गया है। इसमें शहर की सबसे महत्वाकांक्षी रोपवे और एकीकृत परियोजना पर मार्च में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हाल ही में कैबिनेट से स्वीकृत राजघाट से रामनगर तक फोरलेन सड़क का भी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) अब चुनाव बाद ही तैयार कराया जाएगा।
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शिलान्यास वाली मोहनसराय से बौलिया सिक्सलेन और चांदपुर से अकेलवा फोरलेन मार्ग पर इस महीने काम शुरू होगा। कारण, इस परियोजना के कार्यदायी संस्था का चयन कर बांड बनवा लिया गया है।
424 करोड़ रुपये की है रोपवे परियोजना
वाराणसी में कई बड़ी परियोजनाएं टेंडर प्रक्रिया में हैं और इसी दौरान आचार संहिता लागू होने से अब उन पर किसी तरह का निर्णय नहीं लिया जाएगा। दरअसल, 424 करोड़ रुपये की कैंट स्टेशन से गिरिजाघर के बीच रोपवे परियोजना की निविदा प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
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ऐसे ही पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर बनने वाली एकीकृत मंडलीय कार्यालय की टेंडर प्रक्रिया में है। अब इन प्रक्रियाओं पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा पिंडरा में प्रस्तावित राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज का काम भी चुनाव बाद ही होगा।
समय से पूरी होगी सड़कों की परियोजना
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि 412.53 करोड़ रुपये की मोहनसराय से बौलिया तक सिक्सलेन और लहरतारा पुल तक फोरलेन परियोजना की टेंडर प्रक्रिया के साथ ही इसका बांड बनवा लिया गया है। कार्यदायी संस्था को अब काम करना है। ऐसे ही 269.10 करोड़ रुपये की लागत वाली चांदपुर अकेलवा मार्ग पर काम शुरू करने की प्रक्रिया आचार संहिता लागू होने से पहले ही करा लिया गया है।
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लोकार्पण के लिए करना होगा इंतजार
वर्षों से चल रहे शाही नाले का काम जनवरी में पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही करीब 60 करोड़ की लागत से तैयार हुए खिड़किया घाट का भी लोकार्पण अब आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि सभी विभागों को आदर्श आचार संहिता के पालन का निर्देश जारी किया गया है। नए काम शुरू नहीं किए जाएंगे, हालांकि पहले से चल रहे काम पर इसका प्रभाव नहीं होगा। किसी भी संशय पर चुनाव आयोग से अनुमति आवश्यक होगी।