{"_id":"5a5b2cbc4f1c1bec408b4da3","slug":"a-man-was-doing-two-government-jobs-for-thirty-years","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तीस साल से यह शख्स कर रहा था दो सरकारी नौकरी, किसी को भनक तक नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीस साल से यह शख्स कर रहा था दो सरकारी नौकरी, किसी को भनक तक नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:48 PM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक शख्स ने सरकार को खूब चूना लगाया। इस शख्स ने 30 साल तक दो सरकारी नौकरी कर वेतन लिया। मामला सामने आने पर अब इससे रिकवरी की जाएगी।
जिले के पूनापार ग्रामीण डाकघर में तैनात डाकपाल बेसिक शिक्षा विभाग मऊ में सहायक अध्यापक पद पर भी नौकरी कर 30 साल से ज्यादा समय तक दोनों पदों पर वेतन उठाता रहा। कमिश्नर के आदेश पर एडी बेसिक ने जांच की तो मामला खुला।
मऊ बीएसए को शिक्षक से अनियमित वेतन भुगतान की रिकवरी और एफआईआर कर अवगत कराने का निर्देश दिया है। भूपेंद्रवीर सिंह पुत्र वीर बहादुर निवासी पूनापार भटौली मऊ की पूनापार डाकघर में मृतक आश्रित में डाकपाल पद पर 1981 में तैनात हुए थे।
विज्ञापन
इस बीच उन्होंने महाराणा प्रताप पूर्व माध्यमिक विद्यालय पूनापार भटौली में सहायक अध्यापक पद पर भी नौकरी पा ली। दोनों ही नौकरियों का उनकी ओर से वेतन आहरण किया जाने लगा।
कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामला जानकारी में आने के बाद मार्च 2017 में एडी बेसिक कार्यालय में शिकायत की। तब एडी बेसिक ने उसने वेतन भुगतान पर रोक लगाई और मामले की जांच शुरू की।
विज्ञापन
जिले के पूनापार ग्रामीण डाकघर में तैनात डाकपाल बेसिक शिक्षा विभाग मऊ में सहायक अध्यापक पद पर भी नौकरी कर 30 साल से ज्यादा समय तक दोनों पदों पर वेतन उठाता रहा। कमिश्नर के आदेश पर एडी बेसिक ने जांच की तो मामला खुला।
विज्ञापन
मऊ बीएसए को शिक्षक से अनियमित वेतन भुगतान की रिकवरी और एफआईआर कर अवगत कराने का निर्देश दिया है। भूपेंद्रवीर सिंह पुत्र वीर बहादुर निवासी पूनापार भटौली मऊ की पूनापार डाकघर में मृतक आश्रित में डाकपाल पद पर 1981 में तैनात हुए थे।
विज्ञापन
इस बीच उन्होंने महाराणा प्रताप पूर्व माध्यमिक विद्यालय पूनापार भटौली में सहायक अध्यापक पद पर भी नौकरी पा ली। दोनों ही नौकरियों का उनकी ओर से वेतन आहरण किया जाने लगा।
कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामला जानकारी में आने के बाद मार्च 2017 में एडी बेसिक कार्यालय में शिकायत की। तब एडी बेसिक ने उसने वेतन भुगतान पर रोक लगाई और मामले की जांच शुरू की।
शिक्षक पद से हो गया रिटायर
demo pic
31 मार्च 2017 को भूपेंद्रवीर सिंह शिक्षक पद से रिटायर हो गया। वहीं ग्रामीण डाक सेवा में रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष होने से वहां अब भी नौकरी कर वेतन ले रहे हैं। शिक्षक की ओर से निवेदन करने पर पिछले दिनों बीएसए मऊ राकेश कुमार ने इन्हें रुका हुआ वेतन जारी करने का आदेश कर दिया।
इसकी जानकारी जब शिकायतकर्ताओं को हुई तो भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के सदस्य अरुण कुमार सिंह ने इसकी सूचना कमिश्नर के रविंद्र नायक को दी।
कमिश्नर के निर्देश पर एडी बेसिक योगेंद्र कुमार ने मामले की जांच की और शिकायत पुष्ट होने पर बीएसए मऊ को अनियमित वेतन भुगतान की रिकवरी और विधिक कार्रवाई कर अवगत कराने का निर्देश दिया।
इस पर बीएसए मऊ राकेश कुमार ने वेतन जारी करने के अपने पिछले आदेश को निरस्त कर नोटिस जारी कर गलत साक्ष्य प्रस्तुत करने के मामले में स्पष्टीकरण तलब किया या है। साथ ही रिकवरी और एफआईआर कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
इसकी जानकारी जब शिकायतकर्ताओं को हुई तो भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के सदस्य अरुण कुमार सिंह ने इसकी सूचना कमिश्नर के रविंद्र नायक को दी।
कमिश्नर के निर्देश पर एडी बेसिक योगेंद्र कुमार ने मामले की जांच की और शिकायत पुष्ट होने पर बीएसए मऊ को अनियमित वेतन भुगतान की रिकवरी और विधिक कार्रवाई कर अवगत कराने का निर्देश दिया।
इस पर बीएसए मऊ राकेश कुमार ने वेतन जारी करने के अपने पिछले आदेश को निरस्त कर नोटिस जारी कर गलत साक्ष्य प्रस्तुत करने के मामले में स्पष्टीकरण तलब किया या है। साथ ही रिकवरी और एफआईआर कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।