मारपीट में घायल की मौत: मऊ में तैनात है मुख्य आरोपी कांस्टेबल, वाराणसी में दो घंटे तक चक्काजाम; मिला आश्वासन
Varanasi News: वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में मारपीट में घायल व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों ने सड़क पर शव रखकर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया। परिजनों का आरोप है कि मारपीट का मुख्य आरोपी मऊ पुलिस में तैनात है, जिसके दबाव में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने समझाकर जाम समाप्त कराया।
विस्तार
चौबेपुर थाना क्षेत्र के मिश्रपुरा गांव में 27 जून को दो पक्षों में मारपीट में गंभीर रूप से घायल राजकुमार यादव (45) की शुक्रवार को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों ने शाम साढ़े सात बजे परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भगतुआ चौराहे को दो घंटे तक जाम कर दिया। पुलिस के समझाने पर देर रात चक्का जाम समाप्त हुआ।
परिजनों का आरोप है कि मारपीट का मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है और मऊ में तैनात है। आरोप है कि पुलिस ने उसके खिलाफ अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने घटना में प्रयुक्त तलवार, लोहे की रॉड समेत अन्य सामान बरामद नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया।
दावा है कि घटना के वीडियो में आरोपी तलवार से हमला करता दिखाई दे रहा है। परिजनों के अनुसार, मामले में मृतक के बड़े भाई सुनील यादव और विकास यादव जेल में हैं, जबकि मुख्य आरोपी पर कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजन कार्रवाई और हथियारों की बरामदगी की मांग पर अड़े रहे। हालांकि बाद में समझाने और कार्रवाई का भरोसा मिलने पर परिजन शांत हुए।
ये है पूरा मामला
थाना क्षेत्र के मिश्रपुरा गांव में एक महीने पहले जमीन के विवाद में मारपीट हुई थी। राजकुमार पशुपालन करते थे। राजकुमार और विश्वास गोंड के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों से चार लोग घायल हुए थे। दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों से दो-दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
राजकुमार की मौत की सूचना के बाद पुलिस ने बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर से शव कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। - एसीपी सारनाथ, विनय कुमार द्विवेदी