खुद आर्थिक तंगी से जूझ रहे, फिर भी तीन सालों से पाई-पाई जोड़ जरूरत मंदों में बांट रहे हैं कंबल
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बरसात के बाद ठंड ने पूरे उत्तर भारत में ठिठुरन बढ़ा दी है। वहीं आज भी कई ऐसे लोग हैं जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण, उनके पास ठंड से बचने के लिए उपाय नहीं है। लेकिन ऐसे लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए आज भी बहुत लोग मदद के लिए सामने आ जाते हैं। ऐसा ही कुछ जौनपुर जिले में देखने को मिला है।
जिले के नेवढ़िया के अहिरौली गांव के रहने वाली त्रिलोकीनाथ सरोज ने कुछ ऐसे ही लोगों की मदद के लिए सामने आए हैं, जिनके पास इस कंपकपाती ठंड से बचने के उपाय कम हैं। हालांकि वह खुद ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने गांव में शनिवार को जरूरतमंद लोगों को कबल बांटे।
त्रिलोकीनाथ के इस काम की क्षेत्र में जगह-जगह चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने बताया कि ठंड का समय आर्थिक स्थिति से जूझ रहे लोगों के लिए बहुत ही कष्ट दायक होता है। ऊनी बिस्तर ना होने से गरीब परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
साथ हा कहा कि इसलिए वह सालभर मेहनत-मजदूरी करके पैसा जोड़ते हैं, और पिछले तीन सालों से जरूरतमंद में लगातार कंबल बांटते आ रहे हैं। उनका कहना है कि वह इस तरह का आगे भी प्रयास करते रहेंगे कि वह हर साल पैसे इकट्ठे करें और जरूरत मंद लोगों की सहायता कर सकें।