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Varanasi News : IMS BHU में सुविधाओं की नए सिरे से सूची होगी तैयार, एम्स जैसी सुविधा पर MoU; जल्द होगी बैठक

Sun, 24 Nov 2024 12:31 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 24 Nov 2024 12:31 AM IST
सार

Varanasi News : आईएमएस बीएचयू में जल्द ही एम्स जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी। डाॅक्टरों और स्टाफ नर्सों में इसको लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इस व्यवस्था से पूर्वांचल के मरीजों को और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी।

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fresh list of facilities prepared at IMS BHU MoU on AIIMS like facility meeting held soon
एमओयू हस्ताक्षर के दाैरान माैजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा पर नए सिरे से एमओयू के बाद अब यहां जांच, इलाज की सुविधाओं पर मंथन शुरू हो गया है। अब विभागवार सुविधाओं को लेकर नए सिरे से सूची तैयार करवाई जाएगी। इसमें एम्स के मानक पर फैकल्टी चयन, बेड उपलब्ध करवाने, जांच आदि शामिल होगी। इसके लिए जल्द ही आईएमएस में बैठक होगी।

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आईएमएस बीएचयू को लेकर जो एमओयू हुआ है, उसके अनुसार कुछ दिन तक एम्स के निदेशक आईएमएस में सुविधाओं की निगरानी भी करेंगे। ऐसे में एम्स के मानक के अनुसार आईएमएस के विभागों को अपडेट करवाए जाने का निर्णय लिया गया है। एमओयू के आधार पर फैकल्टी चयन, प्रत्यारोपण, सर्जरी के अलावा जांच, इलाज के लिए जरूरी उपकरण, मरीजों के लिए उन सुविधाओं की शुरुआत किया जाना है, जो अब तक एम्स में हैं लेकिन आईएमएस में मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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आईएमएस की बात करें तो यहां कैंसर की जांच के लिए जरूरी पेट स्कैन की सुविधा नहीं है तो गर्भवती महिलाओं के लिए एक ही छत के नीचे एमसीएच विंग में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे न होने से उनको उसी जांच केंद्र पर जाना पड़ता है, जहां सामान्य मरीज अपनी जांच करवाते हैं। इसके अलावा आईसीयू में इलाज के लिए भी मरीजों को बेड के संकट से जूझना पड़ता है। यहां केवल सात बेड का बर्न वार्ड है।

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आईएमएस में है मानव संसाधन की कमी
आईएमएस बीएचयू में मानव संसाधन की कमी है। आईएमएस बीएचयू में एम्स की तुलना में फैकेल्टी, जेआर, एसएआर की कमी भी है। जहां एम्स नई दिल्ली में 882 फैकेल्टी हैं, वहीं आईएमएस में 318 जबकि एम्स के 863 सीनियर रेजिडेंट की जगह बीएचयू मेे 212 रेजिडेंट मरीजों की सेवा कर रहे हैं। इसके साथ ही 454 टेिक्क्नकल स्टाफ की जगह बीएचयू में 120, नान टेक्निकल में 324 की जगह बीएचयू में 66 लोग हैं।

प्रो. ओमशंकर बोले-एमओयू जन अधिकारों की जीत, पैसे का होना चाहिए सदुपयोग
आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा पर एमओयू को हृदय रोग विभाग के प्रोफेसर ओमशंकर ने जनता के अधिकारों की जीत बताया है। हृदय रोग विभाग में प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रोफेसर ओमशंकर ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य के अधिकार की लड़ाई उनके द्वारा वर्ष 2011 से लड़ी जा रही है। धरना, प्रदर्शन, अनशन के माध्यम से जनता के स्वास्थ्य अधिकारों का मुद्दा उठाया गया।



एमओयू से स्वास्थ्य मंत्रालय की भागीदारी से आईएमएस का बजट बढ़ेगा। कहा कि बजट का सही उपयोग होने से ही मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि एम्स जैसी सुविधा को लेकर 2018 में स्वास्थ्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के बीच एमओयू हुआ था। इसके बाद बजट के मामले में शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों की भागीदारी होने से बजट का वितरण भी सही ढंग से नहीं हो पा रहा था।

अब देशभर में एम्स के संचालन में स्वास्थ्य मंत्रालय की जिस तरह की भागीदारी है, अब ऐसा आईएमएस बीएचयू में भी होगा। कहा कि बीएचयू में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी बनी हुई है, उसको दूर करवाने के लिए आंदोलन अभी जारी रहेगा।

एम्स के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाएंगे कदम
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार का कहना है कि एमओयू के बाद एम्स के मार्गदर्शन में सुविधाओं के साथ ही सभी क्षेत्र में कदम आगे बढ़ाया जाएगा। इस पहल से संस्थान में शिक्षण, पेसेंट केयर, शोध को नई दिशा भी मिलेगी। एम्स के प्रशिक्षक यहां फैकल्टी के साथ ही नान टीचिंग, टीचिंग स्टाफ आदि का मार्गदर्शन करेंगे। इसका लाभ भी मरीजों को मिलेगा।

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