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आर्थिक तंगी से मजबूर किसान ने लगाई फांसी, जाना था बेटी का तिलक

Sun, 12 Feb 2017 08:17 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/मिर्जापुर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/मिर्जापुर Updated Sun, 12 Feb 2017 08:17 PM IST
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a farmer hanging with tree due to economical crisis
फांसी - फोटो : demo photo
एक किसान ने बेटी की शादी के खर्च का बंदोबस्त नहीं कर पाने से दुखी होकर शनिवार की रात नीम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी।
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रविवार को बेटी का तिलक जाना था लेकिन परिवार के मुखिया की मौत से खुशियां मातम में बदल गईं।
मिर्जापुर जिले के सरैया सिकंदरपुर गांव निवासी लखेंदर कुशवाहा सब्जी की खेती करके परिवार का गुजर बसर करता था।
मगर सब्जियों की कीमत कम होने के कारण वह आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। उसने कई लोगों से कर्ज ले रखा था।

लखेंदर की दो बेटियों में बड़ी बेटी सुनीता की शादी पहले ही हो चुकी है। इसी बीच उसकी छोटी बेटी आंचल की शादी जमालपुर क्षेत्र के पसहीं में गांव में तय हो गई।  चार मई को बेटी की बारात आनी थी और 2 फरवरी को तिलक चढ़ाने लड़के के घर जाना था।

लखेंदर तिलक के लिए पैसों के इंतजाम में जुटा था। उसने रिश्तेदारों एवं मित्रों से मदद मांगी लेकिन कहीं से सहायता नहीं मिली। इससे वह काफी परेशान था।

शनिवार की रात वह पड़ोस के मकान के छत से सटे नीम के पेड़ पर गले में फंदा लगा कर झूल गया। सुबह गांव वालों ने उसे पेड़ से लटकता देख आनन-फानन में उतारा लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
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भाई राधेश्याम कुशवाहा की सूचना पर पहुंची पुलिस  शव को पोस्टमार्टम हेतु ले गई। घर वालों ने बताया कि पैसों की कमी के चलते तिलक की तैयारियां नहीं हो पाईं, जिससे लखेंदर परेशान था। 
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