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Varanasi News: हज यात्रा, पासपोर्ट सत्यापन और मुकदमा खत्म कराने के लिए पांच लाख नकद व मांगी थी कार
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आरोपी के आय की संपत्ति की होगी जांच, जौनपुर के केराकत में तीन मकान, गुंडा एक्ट रजिस्टर भी खंगाली जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक (क्लर्क) अब्दुल रहमान अंसारी की गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन की टीम ने जांच तेज कर दी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आरोपी के आय से अधिक संपत्ति की जांच भी हो सकती है। जांच में सामने आया कि उसने जौनपुर के केराकत में तीन मकान बना रखे हैं। टीम ये भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास जितनी भी फाइलें आई उसके किस तरह के मामले थे और रिपोर्ट सही लगी है या नहीं। शनिवार को आरोपी को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार अधिनियम) पूनम पाठक की अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
जांच में पता चला है कि शिकायतकर्ता सदर बाजार निवासी सारिक शाह हज यात्रा की तैयारी और पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए आवश्यक पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में थाने पहुंचा था।
इसी दौरान उर्दू अनुवादक ने शिकायतकर्ता को उसके खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त कराने के साथ-साथ पासपोर्ट के नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया कराने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने कथित तौर पर पांच लाख नकद और एक छोटी चार पहिया गाड़ी की मांग की थी। शरीक ने बताया कि उनके खिलाफ कैंट थाने में संपत्ति विवाद से जुड़े चार-पांच मुकदमे दर्ज हैं। ट्रैप टीम का गठन निरीक्षक नीरज कुमार सिंह ने बताया कि हर बिंदू पर जांच की जा रही है।
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नबरों के मिलान, पाउडर के साथ पांच सौ रुपये के थे चालीस नोट
शरीक ने पांच-पांच सौ रुपये के चालीस नोट, कुल 20 हजार रुपये अब्दुल रहमान अंसारी को दिए। इन नोटों के नंबरों का विधिवत मिलान लोकसेवक साक्षीगण और ट्रैप टीम के सदस्यों ने किया। नोटों के नंबर एक सफेद कागज पर लिखकर फिनाफ्थलीन पाउडर लगाया गया। फिनाफ्थलीन लगे नोटों को एक सफेद कागज में मोड़कर शिकायतकर्ता को दिया गया जिसे आरोपी तक लेकर पहुंचा। अब्दुल रहमान अंसारी ने पीड़ित से जेएचवी मॉल में मुलाकात की, नाश्ता किया और पैसे लिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक (क्लर्क) अब्दुल रहमान अंसारी की गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन की टीम ने जांच तेज कर दी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आरोपी के आय से अधिक संपत्ति की जांच भी हो सकती है। जांच में सामने आया कि उसने जौनपुर के केराकत में तीन मकान बना रखे हैं। टीम ये भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास जितनी भी फाइलें आई उसके किस तरह के मामले थे और रिपोर्ट सही लगी है या नहीं। शनिवार को आरोपी को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार अधिनियम) पूनम पाठक की अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
जांच में पता चला है कि शिकायतकर्ता सदर बाजार निवासी सारिक शाह हज यात्रा की तैयारी और पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए आवश्यक पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में थाने पहुंचा था।
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इसी दौरान उर्दू अनुवादक ने शिकायतकर्ता को उसके खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त कराने के साथ-साथ पासपोर्ट के नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया कराने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने कथित तौर पर पांच लाख नकद और एक छोटी चार पहिया गाड़ी की मांग की थी। शरीक ने बताया कि उनके खिलाफ कैंट थाने में संपत्ति विवाद से जुड़े चार-पांच मुकदमे दर्ज हैं। ट्रैप टीम का गठन निरीक्षक नीरज कुमार सिंह ने बताया कि हर बिंदू पर जांच की जा रही है।
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नबरों के मिलान, पाउडर के साथ पांच सौ रुपये के थे चालीस नोट
शरीक ने पांच-पांच सौ रुपये के चालीस नोट, कुल 20 हजार रुपये अब्दुल रहमान अंसारी को दिए। इन नोटों के नंबरों का विधिवत मिलान लोकसेवक साक्षीगण और ट्रैप टीम के सदस्यों ने किया। नोटों के नंबर एक सफेद कागज पर लिखकर फिनाफ्थलीन पाउडर लगाया गया। फिनाफ्थलीन लगे नोटों को एक सफेद कागज में मोड़कर शिकायतकर्ता को दिया गया जिसे आरोपी तक लेकर पहुंचा। अब्दुल रहमान अंसारी ने पीड़ित से जेएचवी मॉल में मुलाकात की, नाश्ता किया और पैसे लिए।